ढाई महीने में मासूम सैफुल्ला कैसे बन गया खतरनाक IS आतंकी?
सैफुल्ला के पिता सरताज ने बताया कि ढाई महीने पहले सैफुल्ला घर से भाग गया था। इससे पहले भी सैफुल्ला की इस तरह की कोशिश पर पिता ने उसे डांट लगाई थी लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी।
कानपुर। लखनऊ के ठाकुरगंज में मंगलवार को एटीएस के साथ मुठभेड़ में मारा गया ISIS का आतकी सैफुल्ला कानपुर के जाजमऊ इलाके के केडीए कॉलोनी का रहने वाला था। यहीं के तिवारीपुर से दो संदिग्ध आंतकियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। देर रात एसपी सचिंद्र पटेल ने कई थानों की फोर्स के साथ सैफुल्ला के जाजमऊ इलाके में बने घर में दबिश दी। घर से पुलिस ने उसके पिता को अरेस्ट करने के साथ ही तीन अन्य को उठाया है।

ढाई महीने पहले घर से भागा था सैफुल्ला
कानपुर पुलिस के मुताबिक आतंकी सैफुल्ला ISIS के खुरासन माड्यूल का सदस्य था। इमरान और फैजल खां के पास से ISIS से जुड़े होने के कई सुबूत मिले हैं। सैफुल्ला के पिता सरताज ने बताया कि ढाई महीने पहले सैफुल्ला घर से भाग गया था। इससे पहले भी सैफुल्ला की इस तरह की कोशिश पर पिता ने उसे डांट लगाई थी लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी।
लखनऊ एनकाउंटर में मारे गए आतंकी सैफुल्ला और इमरान के बीच गहरी दोस्ती थी। दोनों एक साल पहले आतंकी संगठन ISIS से जुड़े थे। दोनों को बम बनाने और दहशत फैलाने की जिम्मेदारी दी गई थी। सैफुल्ला के पिता सरताज एक चमड़े की फैक्ट्री में जॉब करते हैं। सरताज के चार बेटे हैं, जिसमें सैफुल्ला सबसे बड़ा था। जिस मकान में सैफुल्ला रहता था वो उसके पिता ने एक साल पहले सउदी में रहने वाले एक शख्स से खरीदा था।

बड़ी आतंकी साजिश की फिराक में था सैफुल्ला
कानपुर एटीएस के हत्थे लगे फैजल और इमरान ने पूछताछ के दौरान बताया कि कानपुर के साथ ही राजधानी में बड़े आंतकी हमले का प्लान था। एटीएस ने इनके पास से दो लैपटॉप के साथ भारी मात्रा में असलहा और कारतूस बरामद किए हैं। लैपटॉप में बम बनाने के वीडियो के अलावा आईएसआईएस का लिट्रेचर भी मिला है। पुलिस का दावा है कि ये आतंकी कानपुर में होली के बाद बड़े धमाके के प्लान में थे। पुलिस सूत्रों की माने तो इमरान सोमवार को भोपाल और मंगलवार सुबह लखनऊ से शहर लौटा था। पूछताछ में इमरान और उसके भाई फैजल ने SIMI और ISIS से जुड़े लोगों से रिश्ते होने की बात कबूली है।

सोशल मीडिया के जरिए आतंकी संगठन से जुड़े थे तार
सीरिया से कंट्रोल हो रहे अलकायदा के खुरासान ग्रुप का नाम लेकर कानपुर-लखनऊ समेत आसपास के तमाम जिलों के कुछ लोकल लड़कों ने अपना एक ग्रुप बना रखा था। ये सभी आतंकी ग्रुप इस्लामिक स्टेट से भी प्रभावित थे। इमरान ने पुलिस की पूछताछ में बताया है कि सोशल मीडिया के जरिए ही ये लोग एक-दूसरे के संपर्क में रहकर आतंकी घटनाओं की तैयारी कर रहे थे। इस खुरसान ग्रुप से जुड़े सभी मिसगाइडेड लड़के ISIS की तौर-तरीकों को फॉलो कर रहे थे। संदिग्धों के ठिकानों से बरामद लैपटॉप, मोबाइल फोन और बड़ी संख्या में ISIS का साहित्य मिला है। इसके अलावा इनके पास से बम बनाने की कई विधियों से जुड़ा सामान भी मिला है।

बिजली कटने के बाद की गई कार्रवाई
भोपाल-उज्जैन पैसेंजर धमाके के आरोप में देर रात कानपुर पुलिस और एटीएस ने गुस्बतुल्ला इलाके से चार और संदिग्ध आतंकियों को हिरासत में ले लिया है। ये चारों भी पहले पकड़े गए संदिग्ध आतंकियों के साथी बताए जा रहे हैं। पुलिस इनके पीछे शाम से ही लगी हुई थी। देर रात मौका देखकर पहले इलाके की बिजली कटवाई गई और फिर चारों को हिरासत में ले लिया गया। देर रात कानपुर से चार संदिग्धों के पकड़े जाने के बाद इनकी संख्या 10 हो गई है। जबकि एक आंतकी की मुठभेड़ में मौत हो गई है। पकड़े गए 10 संदिग्धों में से 7 कानपुर के हैं जबकि एक अलीगढ़ और एक इटावा का है। इन सभी को ISIS का सदस्य बताया जा रहा है।

उज्जैन विस्फोट में भी शामिल थे कानपुर के दो आतंकी
मंगलवार सुबह भोपाल के काला पीपल रेलवे स्टेशन के पास उज्जैन-भोपाल पैसेंजर की एक बोगी में विस्फोट हो गया। धमाके में एक दर्जन से ज्यादा यात्री घायल हुए। एमपी पुलिस ने मामले में होशंगाबाद के पिपरिया से तीन लोगों को पकड़ा। इन तीनों में दो कानपुर के पाए गए। पकड़ा गया संदिग्ध दानिश अख्तर उर्फ जफर यहां केडीए कॉलोनी और दूसरा आतिश मुजर्फर उर्फ अल कासिम कानपुर के जाजमऊ का रहने वाला है।












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