Imran Masood Congress: यूपी की राजनीति में हलचल, कांग्रेस बनाएगी अपना रास्ता, सपा से गठबंधन पर सांसद का बयान
Imran Masood Congress: उत्तर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गर्म हो गई है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने अपने तीखे बयानों से गठबंधन की राजनीति पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पार्टी को अब किसी बैसाखी की जरूरत नहीं है, और कांग्रेस अपने दम पर खड़ी होगी।
अब कांग्रेस के सांसद इमरान के इस बयान से 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के संभावित गठबंधन पर भी संदेह गहरा गया है। हालांकि देखना होगा कि आगे दोनों पार्टियों द्वारा क्या फैसला लिया जाता है।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि अब यूपी में '80-17' जैसे समीकरण नहीं चलने वाले। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस को मजबूत बनाना है तो उसे अपने पैरों पर खड़ा होना होगा। उन्होंने सवाल किया कि हम भिखारी नहीं हैं जो किसी से भीख मांगें। कांग्रेस को सहारे की नहीं, संकल्प की ज़रूरत है।
यही नहीं, उन्होंने आगे यह भी कहा कि सपा से गठबंधन को लेकर अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व करेगा, लेकिन उन्होंने इस तरह के निर्भरता को सिरे से नकार दिया। उनका कहना था कि कार्यकर्ता की अनदेखी करके कोई गठबंधन सफल नहीं हो सकता।
बूथ स्तर तक संगठन खड़ा करने में जुटी कांग्रेस
इमरान मसूद ने पार्टी की रणनीति साझा करते हुए बताया कि कांग्रेस बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने में जुटी है। उनका कहना था कि पार्टी पुराने स्वरूप को पाने के लिए जी-जान से मेहनत कर रही है और जिला पंचायत चुनावों में इसका असर दिखाई देगा।
उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों को लगता है कि कांग्रेस के पास उम्मीदवार नहीं हैं, उन्हें आने वाले चुनावों में ज़वाब मिल जाएगा। मसूद ने यह भी कहा कि जब संगठन मज़बूत होगा, तब पार्टी को कोई कमज़ोर नहीं आंक सकेगा।
कांग्रेस सांसद ने राहुल गांधी को बीजेपी के खिलाफ एकमात्र मज़बूत चेहरा बताया। उन्होंने कहा कि 2024 में जो वोट मिला, वो राहुल गांधी के नाम पर पड़ा, किसी और की बदौलत नहीं। उन्होंने दोहराया कि पार्टी अपने फैसले खुद लेगी- किससे गठबंधन करना है, यह नेतृत्व तय करेगा।
इमरान मसूद ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि कुछ लोग कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर राजनीति करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर नेताओं को खत्म कर दोगे तो पार्टी कैसे चलेगी?
हम भिखारी नहीं, और न ही अल्पसंख्यक कहलाना मंजूर
मसूद ने पीडीए फॉर्मूले पर समाजवादी पार्टी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने पूछा कि इस फार्मूले में मुसलमानों की जगह कहां है? उन्होंने कहा कहा कि हमें अल्पसंख्यक क्यों कहा जा रहा है? क्या मुसलमान कहना अब शर्म की बात हो गई?
उनका कहना था कि मुसलमान देश का सबसे बड़ा वोट बैंक है, उसे सीमित पहचान देना सियासी चाल है। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस नेतृत्व के सामने अपनी बात मजबूती से रखेगी और 2027 की तैयारी उसी आधार पर होगी।












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