तेलंगाना राष्ट्रीय कार्यसमिति के बाद UP BJP में हो सकते हैं अहम बदलाव, जानिए कब मिलेगा नया कप्तान

लखनऊ, 02 जुलाई: उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मिली शानदार जीत के बाद यूपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह को कैबिनेट में जगह मिल गई थी। बाद में उन्हें विधान परिषद में बीजेपी का नेता भी चुन लिया गया था। एक तरफ जहां बीजेपी सरकार 100 दिन पूरे करने जा रही है वहीं दूसरी ओर बीजेपी को अब तक उसका नया कप्तान नहीं मिल पाया है। अध्यक्ष न होने की वजह से संगअपठन के कामकाज पर इसका नाकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। हालांकि बीजेपी के सूत्रों का दावा है कि तेलंगाना में राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक समाप्त होने के बाद यूपी बीजेपी में अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

स्वतंत्रदेव ने किया संगठन के कामकाज से किनारा

स्वतंत्रदेव ने किया संगठन के कामकाज से किनारा

बीजेपी के सूत्रों की माने तो संगठन का कामकाज पूरी तरह से संगठन मंत्री के पास आ गया है लेकिन अध्यक्ष न होने की वजह से प्रदेश भर के कार्यकर्ता मुख्यालय पर आकर अपने को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। हर कार्यकर्ता की पहुंच संगठन मंत्री तक नहीं होती है लिहाजा वह अध्यक्ष से मिलकर ही अपनी परेशानियों को रखता है लेकिन चुनाव के 100 दिन बीतने के बावजूद अभी तक केंद्रीय नेतृत्व यूपी के लिए एक चेहरा तक नहीं तलाश पाया है।

तेलंगाना राष्ट्रीय कार्यसमिति के बाद हो सकते हैं बदलाव

तेलंगाना राष्ट्रीय कार्यसमिति के बाद हो सकते हैं बदलाव

बीजेपी सूत्रों की माने तो तेलंगाना में चल रही पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति के बाद यूपी बीजेपी में अहम बदलाव हो सकते हैं। इस बैठक में शामिल होने के लिए यूपी के करीब दो दर्जन नेता तेलंगाना के शहर हैदराबाद पहुंचे हुए हैं। इस बैठक में योगी भी शामिल होंगे। वह आज तेलंगाना जाएंगे जबकि बाकी नेता वहां पहुंच चुके हैं। उम्मीद है कि बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यसमिति में यूपी बीजेपी के लिहाज से भी काफी अहम हो सकती है और इसमें यूपी को लेकर कई संदेश दिए जा सकते हैं।

स्वतंत्रदेव को मंत्री बने तीन महीने हो गए लेकिन अब तक नहीं मिला अध्यक्ष

स्वतंत्रदेव को मंत्री बने तीन महीने हो गए लेकिन अब तक नहीं मिला अध्यक्ष

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह अब पूरीतरह से संगठन के कामकाज में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। माना जा रहा है कि उनके उपर काम का काफी दबाव है। सरकार में उन्हें जलशक्ति मंत्री का ओहदा मिला हुआ है जबकि विधान परिषद में सदन के नेता बनाए गए थे। इन दो कामों के बाद अब उन्होंने संगठन को तवज्जो देना बंद कर दिया है। यूपी में स्वतंत्रदेव सिंह का विकल्प कौन बनेगा ये तो आला कमान तय करेगा लेकिन सूत्रों की माने तो पार्टी ब्राह्मण-ओबीसी के उलझन में फंसी हुई है।

प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही कई अहम पदों पर भी होंगे बदलाव

प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही कई अहम पदों पर भी होंगे बदलाव

यूपी बीजेपी में ऐसा नहीं है कि सिर्फ स्वतंत्रदेव ही बदले जाएंगे। स्वतंत्रदेव की जगह नया अध्यक्ष मिलने के बाद कई मंत्रियों को भी दोहरी जिम्मेदारी से मुक्त किया जाएगा। अभी कई मंत्री ऐसे हैं जो संगठन में भी काबिज हैं और सरकार में भी लेकिन एक बार अध्यक्ष आ जाने के बाद संगठन से इन मंत्रियों की विदाई हो जाएगा और उनकी जगह नए चेहरे आ जाएंगे। इनमें ऊर्जा मंत्री एके शर्मा भी शामिल हैं। शर्मा अभी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष भी हैं। इसके साथ वो कैबिनेट में नगर विकास और ऊर्जा जैसे विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसके अलावा जेपीएस राठोर को भी संगठन के दायित्वों से मुक्त किया जाएगा।

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