IAS Anunay Jha: IRS की नौकरी कर यूपीएससी में हासिल की 57वीं रैंक, कुछ ऐसा रहा DM बनने का सफर
IAS Anunay Jha Success Story: परिवार में बचपन से ही प्रशासनिक सेवा का माहौल था। पिता एक IRS अधिकारी रहे, नाना IPS अधिकारी रहे और एक समय बिहार के DGP थे। बचपन से ही मन में समाज सेवा की भावना थी जिसने एक आईएएस बनने के लिए प्रेरित किया और दूसरे प्रयास में ही उनका चयन देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली यूपीएससी की परीक्षा में बतौर आईएएस हो गया। हम बात कर रहे हैं जिलाधिकारी महराजगंज Anunay Jha की। One India Hindi से खास बातचीत में उन्होंने अब तक के सफर पर खुलकर वार्ता की। आइए एक नजर डालते हैं डीएम अनुनय झा के अब तक के सफर पर-
यहां से हुई प्रारंभिक शिक्षा
आईएएस अनुनय झा मूलरुप से झारखंड के देवघर के रहने वाले हैं। लेकिन इनकी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली के चाणक्यपुरी संस्कृति स्कूूल से हुई। यहां से 12वीं की शिक्षा लेने के बाद आईआईटी रुड़की से इलेक्टिकल इंजीनियरिंग की।

ऐसे आया आईएएस बनने का विचार
डीएम अनुनय झा बताते हैं कि बचपन से ही उनके मन में समाज सेवा की भावना थी। असहाय व गरीबों के लिए आगे आकर बहुत कुछ करने का मन होता था। सहयोग करने के लिए या जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीन पर लाने के लिए पावर का होना भी आवश्य है। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के बाद विश्व बैंक के एक प्रोजेक्ट के साथ जुड़ गया। कार्य के दौरान मैंने महसूस किया कि एक डीएम के पास इन योजनाओं को जमीन पर लाने और इन्हे क्रियान्वित कराने का पूरा सामर्थ्य होता है। फिर मैंने आईएएस बनने की ठानी।
पहले प्रयास में IRS और दूसरे में बने IAS
जब मुझे लगा कि मुझे आईएएस बनना है तब मैंने तैयारी शुरु कर दी। साल 2013 में मैंने पहला प्रयास दिया। जिसमें मुझे 145वीं रैंक मिली और मैं IRS बना। मैंने नौकरी ज्वाइंन कर ली। लेकिन मन में आईएएस बनने का जज्बा अभी जिंदा था। मैंने तैयारी जारी रखी। 2014 में मैंने दूसरा प्रयास दिया और मुझे 2015 बैच में 57वीं रैंक मिली। अब मैं आईएएस बन चुका था।
नाना से मिली प्रेरणा
डीएम अनुनय झा बताते हैं कि मेरे नाना एक IPS अधिकारी थे। वह 1994- 97 तक बिहार के डीजीपी थे। उन्होंने मुझे गरीबों और असहायों की सेवा के लिए हमेशा प्रेरित किया। वह कहते थे कि देश सेवा व समाज सेवा से बढ़कर कुछ भी नहीं। देश सेवा को ही जीवन का उद्देेश्य बताया। पिता नित्यानंद आईआरएस अधिकारी रहे व मां अल्का झा, डाक विभाग बोर्ड में सदस्य हैं।
यहां हुई पहली पोस्टिंग
अनुनय झा बताते हैं कि उनकी पहली पोस्टिंग मथुरा में हुई। यहां 2017 में असिंस्टेंट आरओ के रुप में अपनी सेवा द। इसके बाद मुझे 2017 में झांसी का एसडीएम बनाया गया। इसके बाद साल 2019 में अलीगढ़ का मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया । साल 2021 में मुझे मथुरा वृन्दावन नगर निगम का नगर आयुक्त बनाया गया।
डीएम के रुप में पहला जिला है महराजगंज
आईएएस अनुनय झा ने दो अक्टूब सोमवार को महराजगंज के जिलाधिकारी का कार्यभार ग्रहण किया। बतौर जिलाधिकारी यह उनका पहला जिला है।
युवाओं से की अपील
डीएम अनुनय झा ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि असफलता से ही सफलता की पहली सीढ़ी होती है। अगर आप किसी क्षेत्र में असफल हो रहे हैं तो कभी निराश न हो। अच्छी योजना पर कठोर परिश्रम के साथ सतत प्रयास जारी रखें, सफलता अवश्य मिलेगी।












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