कैराना में बोले राजनाथ सिंह- यूपी में चुनाव जीतने दो, फिर हम देखेंगे कितना मां का दूध पीया है
कैराना में गृहमंत्री ने कहा, 'क्या हालत हो गई है यहां पर? माताओं और बहनों अस्मत लूटी जा रही है। लोगों को झूठे केसों में फंसाया जा रहा है।'
कैराना। बीजेपी की परिवर्तन यात्रा के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कैराना में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के एक बयान से माहौल थोड़ा संवेदनशील हो गया है। सोमवार को गृहमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में मां-बहनों की इज्जत लूटी जा रही है। और अगर बीजेपी सत्ता में आती है तो उन लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी जो आतंकियों की मदद करते हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा, 'अगर हमारी सरकार बनी तो हम उन लोगों के खिलाफ एक्शन लेंगे जो अपनी ताकत का इस्तेमाल आतंकियों की मदद के लिए कर रहे हैं। हम दिखा देंगें कि उसने कितना मां का दूध पीया है।'
'सरकार आई तो वापस लेंगे फर्जी केस'
कैराना में गृहमंत्री ने कहा, 'क्या हालत हो गई है यहां पर? माताओं और बहनों अस्मत लूटी जा रही है। लोगों को झूठे केसों में फंसाया जा रहा है।' उन्होंने कहा कि राज्य में बीजेपी की सरकार आने पर सभी मामलों की जांच कराई जाएगी और फर्जी केस वापस लिए जाएंगे।
राजनाथ सिंह ने कहा, 'जो गुंडागर्दी के आधार पर लोगों के दिलों में दहशत पैदा करने का काम करता है, बहनों और भाइयों, भारतीय जनता पार्टी की सरकार के आने के बाद हम देखेंगे कि उसने कितना मां का दूध पीया है।'
बीजेपी का ये है चुनावी नारा
चुनाव के लिए बीजेपी ने नारा दिया है- 'मां बहनों की आन में, बीजेपी मैदान में।' गृहमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि केंद्र सरकार, 'मान, सम्मान और स्वाभिमान' की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
सांसद ने कहा- हिंदुओं की रक्षा के लिए सांप्रदायिक भी बनूंगा
कैराना से बीजेपी सांसद हुकुम सिंह ने बीते दिनों मुस्लिमों पर आरोप लगाया था कि हिंदुओं को पलायन के लिए मजबूर कर रहे हैं। रैली में राजनाथ सिंह से पहले हुकुम सिंह ने कहा, 'मैंने जो भी मुद्दा उठाया उसे कथित सेकुलर लोग सांप्रदायिक बता रहे थे। लेकिन इन लोगों की जिंदगी बचाने के लिए मैं सांप्रदायिक बनने को तैयार हूं।' उन्होंने कहा कि पार्टी उनके साथ है इस बात की उन्हें खुशी है।
कैराना में मचा था घमासान
शनिवार को सहारनपुर से शुरू हुई बीजेपी परिवर्तन यात्रा का कैराना में दूसरा पड़ाव था। कैराना तब से चर्चा में है जब हुकुम सिंह ने मुस्लिमों पर हिंदुओं को पलायन के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया था। इस मसले पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने आकर यहां हालात का जायजा भी लिया था।












Click it and Unblock the Notifications