Hathras Stampede: आखिर क्यों FIR बच गया 'भोले बाबा', सत्संग में 121 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन?
Hathras Stampede: उत्तर प्रदेश के हाथरस में सत्संग के दौरान हुई दर्दनाक घटना के बाद पुलिस ने आज इस मामले में एफईआईर दर्ज कर ली है। यह एफआईआर सत्संग के आयोजकों के खिलाफ हुई, जिसकी वजह से यहां 121 लोगों की जान चली गई है।
हाथरस में सत्संग के बाद हुई भगदड़ में 121 लोगों की मौत की वजह से हर तरफ मातम पसर गया है। हालांकि पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है, लेकिन इस एफआईआर में भोले बाबा के खिलाफ केस नहीं दर्ज किया गया है। इस एफआईआर में बाबा नारायण हरि जिसे साकार विश्व हरि भोले बाबा के नाम से भी जाना जाता है, उसका नाम आरोपी के तौर पर नहीं है।

आयोजकों के खिलाफ FIR
सत्संग के मुख्य सेवादार देवप्रकाश मधुकर और अन्य आयोजकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। सिकंदर राव पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई एफआईआर में इन लोगों का नम शामिल है।
यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 110, 126, 223, , 238 के तहत दर्ज की गई है। इस भगदड़ में अबतक 121 लोगों के मारे जाने की खबर है जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
इस वजह से बाबा के खिलाफ FIR नहीं
इन सब के बीच सवाल यह खड़ा हो रहा है कि आखिर भोले बाबा के खिलाफ एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई है। आखिर उसका नाम एफआईआर में क्यों नहीं है। बताया जा रहा है कि सत्संग के बाद तकरीबन 2 बजे भोले बाबा कार्यक्रम स्थल से चला गया था।
जबकि यह भगदड़ इसके बाद तकरीबन 3.30 बजे हुई थी। ऐसे में घटना के दौरान भोले बाबा वहां नहीं था, जिसकी वजह से उसके नाम को एफआईआर में शामिल नहीं किया गया है।
बताया जा रहा है कि सत्संग के आयोजन में मुख्य भूमिका आयोजक की होती है, इसमे प्रवचनकर्ता की कोई भूमिका नहीं होती है। ऐसे में आयोजनकर्ता की यह जिम्मेदारी होती है कि वह इस बात को देखे कि कार्यक्रम स्थल पर कितने लोग आएंगे, कहां बैठेंगे, कहां खड़े होंगे।
प्रशासन के साथ आयोजनकर्ताओं की ही बात होती है नाकि कथावाचक से। यही वजह है कि बाबा के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। सूत्रों का कहना है कि प्रशासन इस भगदड़ के लिए बाबा को दोषी नहीं मान रहा है।
ऐसे में पुलिस की कार्रवाई आयोजनकर्ताओं पर ही होगी। प्रशासन की ओर से सेवादारों की तलाश की जा रही है। आरोप है कि आयोजनकर्ताओं ने कार्यक्रम के आयोजन को लेकर गलत जानकारी दी थी।
सीएम योगी भी पहुंचे हाथरस
इस बीच खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी हाथरस पहुंच गए हैं। मुख्य सचिव मनोज सिंह और डीजीपी प्रशांत कुमार के साथ मुख्यमंत्री लगातार संपर्क में हैं। दोनों से फोन पर उन्होंने जानकारी लेने के बाद निर्देश जारी किए हैं। इस पूरी घटना की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जिसे मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा।












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