Hathras Stampede: कैसे एक सत्संग बन गया 121 लोगों की मौत का कारण?

Hathras Tragedy: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में मंगलवार को एक दिल दहलाने वाला हादसा हुआ। यहां सिकंदराराऊ इलाके के रतिभानपुर गांव में 'सत्संग' (धार्मिक आयोजन) में भगदड़ मच गई। हादसे में 121 से अधिक लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। मृतकों को हाथरस और पड़ोसी एटा जिले के अस्पतालों में ले जाया गया।

इस बीच, जीवित बचे लोगों में से एक ने भयावाह घटना को याद करते हुए, बताया क‍ि धार्मिक आयोजन समाप्त होने के समय भगदड़ मची थी। हर कोई उस जगह से भागने की जल्दी में था। घटनास्थल पर अनुयायियों की भारी भीड़ जमा थी। बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था और हर कोई एक-दूसरे पर गिर पड़ा और भगदड़ मच गई। मौत का दर्दनाक मंजर चश्‍मदीदों की जुबानी...

Hathras Stampede Eyewitnesses

हाथरस भगदड़ की घटना के प्रत्यक्षदर्शी सुरेश ने बताया क‍ि मैं बदायूं से अपने परिवार के सदस्यों के साथ यहां आया था। भगदड़ के बाद मेरे छोटे भाई की पत्नी लापता है। हमें पता चला कि कई लोग लापता हैं। मैं माइक पर घोषणा कर रहा था, लेकिन इससे कोई मदद नहीं मिली। वहीं, एक अन्‍य प्रत्यक्षदर्शी शकुंतला देवी कहती हैं क‍ि भोले बाबा का सत्संग चल रहा था। सत्संग खत्म होते ही कई लोग वहां से निकलने लगे। सड़क उबड़-खाबड़ होने के कारण भगदड़ मच गई और लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े।

'लोग कुचले गए'
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया क‍ि सत्संग समाप्त होने के बाद सभी लोग बाहर आ गए। बाहर सड़क काफी ऊंचाई पर बनी हुई थी और नीचे नाला था। एक के बाद एक लोग उसमें गिरने लगे। कुछ लोग कुचल गए।

सत्संग क‍िसके ल‍िए क‍िया गया था आयोजित ?
आपको बता दें क‍ि यह सत्संग मानव मंगल मिलन सद्भावना समागम समिति द्वारा स्वयंभू संत नारायण साकार हरि, जिन्हें साकार विश्व हरि या भोले बाबा के नाम से भी जाना जाता है, के लिए आयोजित किया गया था।

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