Golden Temple में गंदी हरकत करने वाले मुस्लिम युवक के साथ क्या हुआ? निहंगों के थप्पड़ कांड का Video Viral
Golden Temple Sarovar Controversy: रील के चक्कर में आस्था का अपमान करने वाले सुभान रंगरेज की 'शेरगर्दी' धरी की धरी रह गई। अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में सरोवर के भीतर कुल्ला कर मर्यादा की धज्जियां उड़ाने वाले सुभान को शनिवार को निहंगों ने लोनी के इलाके में दबोच लिया।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे निहंगों ने सुभान की 'क्लास' लगाई। इस दौरान आरोपी को एक के बाद एक जोरदार थप्पड़ जड़े गए।

गाजियाबाद पुलिस की हिरासात में सुभान रंगरेज
कभी सोशल मीडिया पर चुनौती देने वाला सुभान थप्पड़ पड़ते ही हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाने लगा। मौके पर पहुंची गाजियाबाद पुलिस ने सुभान को अपनी सुरक्षा में लेकर हिरासत में ले लिया है। अमृतसर पुलिस की टीम गाजियाबाद रवाना हो चुकी है और जल्द ही उसे ट्रांजिट रिमांड पर पंजाब ले जाया जाएगा।
विवादित रील के बाद उकसाने वाले कैप्शन
दरअसल, गाजियाबाद के अंकुर विहार का रहने वाला सुभान हाल ही में अमृतसर गया था। वहां उसने सरोवर के किनारे बैठकर वजू करते हुए एक विवादित रील बनाई। वीडियो में सुभान सरोवर के जल से तीन बार मुंह धोता है और उसी पवित्र जल में कुल्ला कर वापस थूक देता है।
'मुझे कोई कुछ नहीं कह रहा'
मर्यादा की हदें तो तब पार हो गईं जब उसने उकसाने वाले कैप्शन के साथ वीडियो पोस्ट किया। एक अन्य क्लिप में उसने चुनौती देते हुए कहा था, 'यहां सब पगड़ी वाले हैं, सिर्फ मैं टोपी पहनकर आया हूं और मुझे कोई कुछ नहीं कह रहा।'
निहंगों के एक्शन के बाद पुलिस की एंट्री
जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, सिखों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। शनिवार को निहंग सिखों ने गाजियाबाद में सुभान को घेर लिया। पिटाई के बाद सुभान ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि उसने बड़ी गलती की है। इसके बाद सिख समुदाय के लोगों ने उसे अंकुर विहार थाना पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने उसे शांति भंग और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में हिरासत में ले लिया।
पिटाई और पुलिस के डर से सुभान ने एक 17 सेकंड का वीडियो भी जारी किया, जिसमें उसने खुद को 'बेटा और भाई' समझकर माफ करने की अपील की। लेकिन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने इसे सोची-समझी साजिश करार दिया है।
अमृतसर पुलिस ने सुभान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 298 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि क्या इस हरकत के पीछे कोई सोची-समझी धार्मिक दुर्भावना थी या सिर्फ 'सस्ता फेम' पाने की चाहत।












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