Smart City के बाद Smart Village पर फोकस, जानिए YEDIA कैसे बदल रही गांवों की तस्वीर
YEDIA के सीईओ अरुणवीर सिंह कहते हैं कि पहले चरण में इस प्रोजेक्ट के तहत कुछ गावों को ही शामिल किया गया है। एक बार इसके पूरा होने के बाद अन्य गावों को भी विकास की इस यात्रा में शामिल किया जाएगा।

Yamuna Expressway Industrial Development Authority: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार पीएम बनने के बाद ही देश के कई शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने का ऐलान किया था। स्मार्ट सिटी को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से कई तरह के कदम भी उठाए गए हैं। स्मार्ट सिटी के विजन को यूपी सरकार भी पूरी तरह से फॉलो कर रही है और कई शहरों में यह अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। हालांकि यूपी सरकार अब मोदी सरकार से एक कदम आगे बढ़ाते हुए यूपी के गांवों को भी स्मार्ट विलेज की तर्ज पर विकसित करने की कवायद शुरू कर दी है।
सामान्य गावों को बनाया जा रहा है स्मार्ट विलेज
YEDIA के अधिकारियों की माने Smart City के बाद Smart Village पर फोकस किया जा रहा है। प्राधिकरण की तरफ से इसको लेकर कई कदम उठाए गए हैं। गावों को भी हाइटेक करने का प्रयास किया जा रहा है। Yamuna Expressway Industrial Development Authority के प्रयास के चलते कई गावों की बुनियादी सुविधाओं में बदलाव देखने को मिल रहा है और वहां हर वह सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं जो एक स्मार्ट विलेज में होनी चाहिए। अधिकारियों का दावा है कि प्राधिकरण की तरफ से फिलहाल 29 गावों को स्मार्ट विलेज बनाने की कोशिश की जा रही है। इन गावों में सीवेज, ड्रेनेज, सड़कें, पेयजल, बिजली, टेलीफोन के लिए ऑप्टिकल फाइबर और केबल कनेक्टिविटी जैसी आधुनिक सुविधाएं मिल रही हैं।
पहले चरण में तीन गावों का किया जा रहा विकास
YEIDA के अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में डूंगरपुर, सालापुर और अच्छेजा बुजुर्ग में सड़क निर्माण, सीवेट नेटवर्किंग, पाइपलाइन से पेयजल की आपूर्ति, फुटपाथ पर इंटरलॉकिंग का काम पूरा किया जा रहा है। तीन गावों में पिछले अक्टूबर में ही स्मार्ट विलेज पर काम पूरा हो गया था। दूसरे चरण में सामुदायिक केंद्रों, खेल परिसरों की स्थापना और स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना है। स्मार्ट विलेज में आने वाले समय में हर सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी जो आज के आधुनिक दौर पर सबके लिए जरूरी हो गया है।
किसानों ने अपनी जमीन दी है, उनके गावों का भी विकास होना चाहिए
मीडिया रिपोट्स के मुताबिक, YEIDA की ओर से चलाए जा रहे स्मार्ट विलेज अभियान को लेकर YEIDA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण वीर सिंह ने बताया कि, " शुरुआत में, हमने 29 गांवों को इस प्रोजेक्ट में शामिल किया है, लेकिन भविष्य में सभी गांवों को ऐसी सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा। हमारा लक्ष्य इन गावों में शहरी क्षेत्रों के समान सुविधाएं विकसित करना है क्योंकि किसानों ने एडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे सहित तमाम बुनियादी ढांचे और औद्योगिक परियोजनाओं के विकास के लिए अपनी जमीन दी है। लिहाजा इसका फायदा उन्हें भी मिलना चाहिए ताकि उनके जीवन स्तर में सुधार लाया जा सके।"
एक गांव को स्मार्ट बनाने में खर्च होंगे आठ करोड़ रुपये
प्राधिकरण के अधिकारियों की माने तो स्मार्ट विलेज योजना के तहत प्रति गांव पर करीब आठ करोड़ रुपये खर्च किए जाने थे लेकिन पहले चरण में दस गावों के विकास के लिए दस करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। जिन गावों में पानी की निकासी या पीने के पानी की सुविधाओं का आभाव था वहां बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य गांवों को शहरी क्षेत्रों की तर्ज पर विकसित करना है क्योंकि जेवर हवाई अड्डे के तैयार होने के बाद इस क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।












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