बनारस: बच्ची को हॉस्पिटल में पिलाया एक्सपायरी पोलियो ड्रॉप, केस दर्ज
उत्तर प्रदेश में बच्चों के इलाज में हो रही लापरवाही रुकने का नाम ही नहीं ले रही है।
वाराणसी। उत्तर प्रदेश में बच्चों के इलाज में हो रही लापरवाही रुकने का नाम ही नहीं ले रही है फिर चाहे गोरखपुर के बाबा राघव दास कॉलेज में बच्चों की हुई मौत हो या बनारस में बीएचयू के सरसुन्दर लाल चिकित्सालय में आक्सीजन सप्लाई में गड़बड़ी से हुई मरीजों की मौत। एक लापरवाही का मामला बनारस के एक निजी चिकित्सालय में हुआ हैं जो आपके रोंगटे खड़े कर देगा।

3 माह की बच्ची की हालत बिगड़ी
बनारस के सुंदरपुर इलाके के हरशंकरानंद हॉस्पिटल में अस्पताल की ठगी खुले तौर पर सामने आई जब इसी हॉस्पिटल के अंदर की दवा की दुकान से ली गयी पोलियो ड्रॉप पिलाने से 3 माह की बच्ची की हालत बिगड़ गयी। जब परिजनों ने पोलियो ड्रॉप की शीशी पर नजर डाली तो वो एक्सपायर हो चुकी थी। जिसके बाद परिजनों ने हॉस्पिटल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

2015 में ही एक्सपायर हो चुकी थी दवा
हुआ यूं कि वाराणसी के रहने वाले अलम श्रीवास्तव ने अपने महज 3 माह की बच्ची रीता (काल्पनिक नाम) के रूटीन चेकअप के लिए सुंदरपुर के हरशंकरानन्द हॉस्पिटल में लेकर पहुँचे थे। डॉक्टरों ने उस बच्ची का हेल्थ कार्ड देख कर उसे पोलियो वैक्सीन पिलाने के लिए अलम को हॉस्पिटल के मेडिकल शॉप से मंगवाने को कहा। अलम ने नर्स से डॉक्टर की बात बताई जिसके बाद नर्स अस्पताल के मेडिकल शॉप से पोलियो वैक्सीन ले आकर बच्ची को पिला दिया। जब अमल की नजर वैक्सीन के शीशी पर पड़ी तो उनके होश उड़ गए। ये पोलियो वैक्सीन मार्च 2015 में ही एक्सपायर हो चुकी थी। जब इसकी शिकायत उन्होंने डॉक्टर से की तो वो बच्ची का इलाज करने के बजाय उनसे झगड़ा करना शुरू कर दिया। इसके बाद अमल ने लंका थाने में हॉस्पिटल के अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई ।

हॉस्पिटल के खिलाफ केस दर्ज
अमल के तहरीर दिए जाने के बाद लंका थाने के इंचार्ज राजीव सिंह ने तत्काल करवाई करते हुए हरशंकरानन्द हॉस्पिटल के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है तो साथ ही ठगी के मामले के सामने आते ही धारा 423 के साथ साथ बच्ची के इलाज में लापरवाही बरतने को लेकर अन्य कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। यही नहीं उन्होंने 3 माह की बच्ची के इलाज में लापरवाही की जानकारी होते ही स्वास्थ विभाग की टीम और फोर्स के साथ हॉस्पिटल में छापेमारी भी की है। मीडिया से बात करते हुए एसएचओ लंका ने कहा कि ये इलाज में लापरवाही का मामला है हमने जांच शुरू कर दी है। दोषियों के खिलाफ कठोर करवाई की जाएगी।












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