'अंधविश्वास नहीं फैलाना चाहिए', हाथरस की घटना पर क्या बोले BSP प्रदेश अध्यक्ष? देखें Exclusive Interview
BSP state president Vishwanath Pal on Hathras stampede: उत्तर प्रदेश के हाथरस में सत्संग में भगदड़ के दौरान हुए हादसे के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी इस मामले में अभी तक कोई बड़ी कार्यवाही नहीं की गई है।
खास बात यह है कि इस हादसे में पुलिस ने उस बाबा के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहीं की है जिसे लोग हादसे का मुख्य आरोपी बता रहे हैं। वहीं बाबा की रसूख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सत्ता पक्ष हो या विपक्ष के नेता, कोई भी बाबा का नाम नहीं ले रहा है।

फिलहाल इस घटना को लेकर वन इंडिया टीम द्वारा हाथरस में पहुंचे बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल से बातचीत की गई। विश्वनाथ पाल खुद इस मामले में बाबा का नाम लेने से बचते रहे। आईए देखते हैं विश्वनाथ पाल ने क्या कुछ कहा...
इस मामले में विश्वनाथ प्रताप सिंह से इंटेलिजेंस के साथ ही पुलिस प्रशासन पर सवालिया निशान उठाते हुए प्रश्न पूछा गया। जिस पर जवाब देते हैं उन्होंने कहा कि यहां सरकार से चूक हुई है। यहां के प्रशासन से चूक हुई है। उन्होंने कहा कि 80000 लोगों की अनुमति के बाद ढाई से 3 लाख लोग पहुंच गए। तो निश्चित तौर पर यह सवाल है कि आखिर यहां का शासन प्रशासन और लोकल इंटेलिजेंस के लोग क्या कर रहे थे।
वहीं उनसे सवाल किया गया कि बसपा सरकार में यदि घटना होती तो आप क्या करते? जिस पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी की सरकार में कभी भी कोई ऐसा घटना नहीं हुई है। अगर हमारे शासन प्रशासन के लोग तैयार रहते तो ऐसी घटना नहीं होती।
इसके अलावा चरणों के धूल के लिए भगदड़ होने और अंधविश्वास के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर पूछे गए प्रश्न पर विश्वनाथ पाल ने कहा कि किसी के प्रति किसी का विश्वास क्या है यह जो लोग विश्वास करते हैं वही जानें।
आगे उन्होंने यह भी कहा कि जो भी घटना हुई है इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। इसके मुद्दे को घुमाते हुए उन्होंने कहा कि इस देश में बहुजन समाज पार्टी बाबा साहब के संविधान से चलती है और बाबा साहेब का संविधान यह कहता है कि सभी जाति धर्म समाज के लोगों को संविधान में जगह है और उसके हिसाब से चलना चाहिए।
आगे पुनः सवाल करने पर उन्होंने कहा कि अंधविश्वास में जो रहते हैं वह जानें मैं कहता हूं कि अंधविश्वास नहीं फैलाना चाहिए। लेकिन आगे फिर उन्होंने कहा कि यदि अंधविश्वास फैलाया गया तो उसकी जांच होनी चाहिए कि अंधविश्वास किस तरीके से फैलाया गया।
कुल मिलाकर बीएसपी प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल भी बाबा भोलेनाथ का नाम लेने से बचते नजर आए। उन्होंने कहा कि मैं मामले में राजनीति करने नहीं आया हूं मरने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात करने आया हूं।












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