अब हिंदी, अंग्रेजी के साथ उर्दू में भी छपेगी मतदाता सूची
उत्तर प्रदेश में हिंदी और अंग्रेजी के साथ मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में उर्दू में भी छापी जाएगी मतदाता सूचि, यूपी के 100 से अधिक क्षेत्रों में मुस्लिम आबादी 25 फीसदी से
लखनऊ। यूपी समेत पांच राज्यों में चुनाव आयोग ने चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है, इस बार के चुनाव में आयोग कई ऐसी नई व्यवस्थाएं शुरु करने जा रहा है जो इससे पहले नहीं की गई, जिसमें से एक सबसे अहम है यूपी के चुनाव में मतदाता सूचि का उर्दू भाषा में छापा जाना। चुनाव आयोग ने इस बार मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में मतदाता सूची को उर्दू में भी छापने का फैसला लिया है। इससे पहले मतदाता सूची को सिर्फ दो ही भाषा हिंदी और अंग्रेजी में छापा जाता था।

ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब चुनाव आयोग हिंदी और अंग्रेजी के साथ उर्दू में भी मतदाता सूचि को छापने जा रहा है। ऐसा मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्रों को देखते हुए किया जा रहा है। बरेली के जिला चुनाव अधिकारी पंकज यादव ने बताया कि जिले की दो विधानसभा सीटों जिसमें सिटी और कैंट ऐसे इलाके हैं जहां मुस्लिम आबादी सबसे अधिक है लिहाजा यहां उर्दू में मतदाता सूचि छपवाने का फैसला लिया गया है, ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि लोगों को किसी भी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़े। इसके अलावा हर मतदान केंद्र पर मतदाताओं की मदद के लिए सहायता डेस्क भी बनाया जा रहा है, ताकि लोगों को मतदान से जुड़ी हर समस्या का समाधान दिया जा सके।
इसे भी पढ़ें- चुनाव आयोग ने दी चेतावनी, कहा- आचार संहिता उल्लंघन के मामले पर नहीं बैठेंगे चुप
चुनाव आयोग के सूत्रों की मानें तो प्रदेश में तकरीबन 100 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां मुस्लिम आबादी अधिक है और यहां 25 फीसदी आबादी मुस्लिम की है, इन सभी क्षेत्रों में मतदाता सूचि को हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू में छापा जाएगा। बरेली में मुस्लिम आबादी तकरीबन 30 फीसदी है। आपको बता दें कि यूपी में सात चरणों में चुनाव होने हैं, जबकि पहले चरण का मतदान 11 फरवरी को होना है।












Click it and Unblock the Notifications