1 लाख के इनामी बदमाश का DSP साहब ने किया चप्पल में एनकाउंटर, सोशल मीडिया पर घिरे
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में जिस तरह से एनकाउंटर हुआ है, उसपर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। इस एनकाउंटर को लेकर हर तरफ चर्चा हो रही है। इसकी बड़ी वजह है कि डीएसपी डीके शाही की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जिसमे देखा जा सकता है कि डीके शाही चप्पल में हैं। ऐसे में लोग सोशल मीडिया पर सवाल खड़े कर रहे हैं कि आखिर कैसे डीएसपी ने चप्पल में एनकाउंटर कर दिया।
मंगेश यादव की एनकाउंटर में मौत हो गई। ऐसे में मंगेश यादव के एनकाउंटर की पुलिस की थ्योरी पर लोग सवाल खड़े कर रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि कैसे चप्पल पहनकर डीके शाही ने मंगेश का पीछा किया।

सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर
मंगेश यादव के साथ एनकाउंटर टीम का नेतृत्व एसटीएफ डीएसपी डीके शाही कर रहे थे। उनकी एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। तस्वीर में वह चप्पल पहने हुए दिखाई दे रहे हैं। इस तस्वीर ने सोशल मीडिया पर चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
लोगों ने उठाए सवाल
सोशल मीडिया पर डीएसपी डीके शाही की तस्वीर को शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा DSP साहब का चप्पल तो देखो, वैसी चप्पल पहनकर व्यक्ति पक्की सड़क पर नहीं दौड़ सकता, DSP साहब इसे पहनकर अपराधी के पीछे कच्ची सड़क पर कैसे दौड़े होंगे? DSP साहब को एक अवार्ड तो इसके लिए भी बनता है! वैसे इनका नाम #DKShahi है।
एक लाख का इनामी बदमाश मंगेश
एक लाख रुपये के इनामी बदमाश मंगेश यादव के एनकाउंटर के बाद एसटीएफ अधिकारी डीके शाही जांच के घेरे में हैं। उत्तर प्रदेश में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एनकाउंटर को फर्जी बताया है और जाति आधारित मकसद का आरोप लगाया है।
कौन हैं डीके शाही
यूपी पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार डीके शाही का पूरा नाम धर्मेश कुमार शाही है। 1974 में देवरिया में जन्मे डीके शाही को 2019 में डिप्टी एसपी के पद पर पदोन्नत किया गया था।
पत्नी हैं भाजपा नेता
उनकी पत्नी रितु शाही भाजपा नेता हैं और हाल ही में मंगेश यादव के एनकाउंटर से पहले उत्तर प्रदेश महिला आयोग में शामिल हुई थीं। रितु शाही गोरखपुर क्षेत्र में भाजपा महिला मोर्चा की क्षेत्रीय कोषाध्यक्ष हैं। उनकी नियुक्ति उनके पति से जुड़े विवादास्पद एनकाउंटर से पहले हुई थी।
संगठित अपराध खत्म
सुल्तानपुर में आयोजित सम्मान समारोह में डीके शाही ने कहा कि यूपी से संगठित अपराध का खात्मा हो चुका है। उन्होंने कहा कि छिटपुट घटनाएं अभी भी होती हैं, लेकिन उनसे प्रभावी तरीके से निपटा जा रहा है। उन्होंने कहा, "जो लोग जेल जाने के हकदार हैं, उन्हें जेल भेजा जा रहा है।"
उन्होंने 28 अगस्त को एक ज्वैलर्स की दुकान पर हुई घटना का जिक्र किया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। इस मामले को सुलझाने में एसटीएफ टीम और जिला पुलिस सक्रिय रूप से लगी हुई थी। 5 सितंबर को गिरफ्तारी के प्रयास में बदमाशों ने एसटीएफ टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में एक बदमाश मारा गया, जबकि दूसरा भाग निकला।
डीके शाही ने भरोसा दिलाया कि बाकी बचे दोषियों को भी जल्द ही पकड़ने की कोशिशें जारी हैं। अखिलेश यादव के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हर किसी को अपनी राय रखने का हक है।












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