पंचायत के तुगलकी फरमान पर दलित युवक को सरेआम फांसी
बुलंदशहर। ऊंची जाति की महिला से प्यार की कीमत दलित युवक को जान देकर चुकानी पड़ी। पंचायत के फरमान पर प्रेमी को सरेआम फांसी की सजा सुनाई गई। जिसे सुनकर पूरा गांव स्तब्ध रह गया। ग्रामीणों के अनुसार गांव में ही रहने वाली ऊंची जाति की एक महिला के साथ युवक आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया था। इसके बाद पंयायत के ही फरमान पर बुधवार को गांव के लोगों ने सरेआम फांसी का फंदा डालकर युवक को फांसी पर लटका दिया, इससे उसकी मौत हो गई। युवक के परिजन इसे आॅनर किलिंग का मामला बात रहे हैं। जबकि पुलिस ने कोई मुकदमा तक दर्ज नहीं किया है।

दरअसल, गौतमबुद्धनगर थाना क्षेत्र के गांव नगला चोना निवासी इंदर के बेटे लाला को सिकंदराबाद के नगला टोटा गांव में कुछ लोगों ने एक महिला के साथ आपित्तजनक हालत में देख लिया था। महिला के पति और गांव के लोगों ने आरोपी युवक को पकड़कर शीशम के पेड़ से बांध दिया। इसके बाद गांव में पंचायत बुलाई गई। पंचायत ने प्रेमी को पहले पीटने का फरमान सुनाया और फिर उसके लिए फांसी की सजा मुकर्रर कर दी। शीशम के पेड़ पर ही फंदा डालकर उसे सरेआम फांसी दे दी गई। बताया जा रहा है कि महिला और उस युवक का काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था।
फांसी देने वाले पंचायत के पदाधिकारी और महिला का पति फरार बताए जा रहे हैं। मृतक के परिजनों ने पंचायतियों और महिला के पति के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लाला का शव पेड़ से उतारकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने ऑनर किलिंग से इनकार किया है। पुलिस इसे आत्महत्या का मामला बता रही है। मामले को लेकर दोनों गांवों के बीच तनाव है।












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