भाजपा नेता के घर के पास तीन मगरमच्छों ने बनाया डेरा, बड़ी वाली निकल आई
बहराइच। यूपी में बहराइच के कतर्नियाघाट आभरण्य से सटे मिहींपुरवा कस्बा समेत दो अन्य गावों में आतंक का पर्याय बनी मादा मगरमच्छ को गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने पकड़ लिया। बाढ़ के दौरान पानी के साथ बहकर आई मगरमच्छ ने भगहर नाले (बूढ़ी नदी) को अपना बसेरा बना लिया था। सूचना पाकर पहुंची वन महकमे की टीम ने मगरगच्छ को अपने कब्जे में लेकर कतर्नियाघाट में बहने वाली नदी गेरुआ में छोड़ा है। ग्रामीणों के मुताबिक नाले में अभी दो और विशालकाय मगरमच्छ हैं। डीएफओ ने वनकर्मियों द्वारा अन्य मगरमच्छों को रेस्क्यू कराने का आश्वासन दिया है।

दिखाई पड़ी विशाल मादा मगरमच्छ
मोतीपुर थाना अंतर्गत मिहींपुरवा कस्बे के पास भगहर नाला है, जो कभी बूढ़ी नदी हुआ करती थी लेकिन समय के साथ नदी विलुप्त हो गयी। यह नाला मिहींपुरवा, परवानी गौढ़ी व कुड़वा ग्राम सभाओं की सीमा से लगा हुआ है। वर्तमान में तहसील प्रशासन द्वारा इस नाले में ग्रामीणों को मत्स्य पालन के लिए पट्टा आवंटित कर दिया गया है। ग्रामीण नाले की तरफ गए थे, तभी उन्हें बीजेपी नेता योगेश प्रताप सिंह के घर के पास विशालकाय मादा मगरमच्छ दिखाई पड़ी। यह देख मौके पर भीड़ जुट गई।
ग्रामीणों ने गोताखोरों को बुलाया और कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के मोतीपुर रेंज कार्यालय को सूचना दी। लेकिन वन कर्मियों की टीम आने से पहले ही ग्रामीणों ने लाठी डंडों और रस्सी के फंदे के सहारे मगरमच्छ को दबोच लिया। तब तक मोतीपुर रेंजर खुर्शीद आलम की अगुवाई में टीम भी मौके पर पहुंच गई। टीम ने मगरमगच्छ को कब्जे में लिया और उसे कतर्नियाघाट में लाकर गेरुआ नदी में छोड़ दिया गया है। बीजेपी नेता योगेश प्रताप सिंह का कहना है कि उनके घर के समीप तीन मगरमच्छ कई दिनों से डेरा बनाए हुए थे।

ग्रामीणों ने मगरमच्छ को पकड़ा
ग्रामीणों की मदद से एक मगरमच्छ पकड़ा जा सका है लेकिन अभी भी दो बड़े मगरमच्छ इसी नाले में मौजूद है। यदि वन विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया तो मगरमच्छ ग्रामीणों व मत्स्य पालन, सिंघाड़ा की खेती करने वाले किसानों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। नाले में मछली पालन करने वाले किसान मिहींपुरवा निवासी जगदीश प्रसाद का कहना है मगरमच्छ की मौजूदगी के कारण कोई भी ग्रामीण तालाब में आखेट करने नहीं उतरता था। व्यवसाय चौपट हो रहा था। लेकिन अभी अन्य दो और मगरमच्छ नाले में बसेरा बनाये हुए हैं। इस मौके पर शिवेद्र सिंह, आकाश मदेशिया, विमल पोरवाल, जितेंद्र वर्मा समेत तमाम लोग थे।

दो ग्रामीणों को कर चुकी थी घायल
कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी जीपी सिंह ने बताया की ग्रामीणों ने मादा वयस्क मगरमच्छ पकड़ा है, जो कतर्नियाघाट लाई गई है। इसकी उम्र करीब आठ वर्ष की है। इस मगरमच्छ ने दो ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें घायल किया था, जबकि कई बकरी व कुत्ते भी खा चुकी है। यह जुलाई माह में सरयू नदी में आई बाढ़ के दौरान पानी के तेज बहाव के साथ बहकर नाले में पहुंची थी। ग्रामीणों ने नाले में अभी दो और मगरमच्छ होने की जानकारी दी है। मोतीपुर रेंजर खुर्शीद आलम को उन्हें पकड़ने के निर्देश दिए गए हैं।












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