CCTV: इन्हीं आठ लोगों ने मिलकर की बसपा नेता राजेश यादव की हत्या!
इलाहाबाद। बसपा नेता राजेश यादव हत्याकांड में बाहुबली विधायक विजय मिश्रा का नाम आने के बाद अब एक और बड़ा ट्विस्ट सामने आ गया है। पुलिस के हाथ हमलावरों की फुटेज लगी है जो गोली मारने के बाद घटनास्थल से भाग रहे हैं। इनकी संख्या 8 हैं और इन्हें छात्र बताया जा रहा है। पुलिस ने इनकी फुटेज फोटो भी जारी कर दी है। हालांकि मीडिया को अभी कुछ कारणों से वीडियो उपलब्ध नहीं कराया गया है।

पुलिस दे रही दबिश
इनकी गिरफ्तारी के लिये पुलिस की कयी टीमों ने ताबड़तोड़ दबिश भी दी है किन हमलावर अंडरग्राउंड हो चुके है। फुटेज मिलने के बाद इतना तो साफ हो गया है, कि घटना और डॉक्टर मुकुल के बयान में काफी समानता है। छात्र राजनीति में दखलंदाजी और उससे उपजे विवाद का कनेक्शन इस मर्डर मिस्ट्री का सबसे सटीक जांच का हिस्सा है।

फुटेज में क्या दिख रहा है
पुलिस ने अभी आधिकारिक बयान तो नहीं जारी किया है लेकिन पुलिस सूत्रों ने फुटेज के बावत सनसनीखेज रहस्योद्घाटन किया है। गेस्ट हाउस के फुटेज में घटनाक्रम 1 बजकर 54 मिनट पर शुरू होता है। जब राजेश अपनी फार्च्यूनर से यूनिवर्सिटी के गेस्ट हाउस पहुंचते हैं । फिर 2 बजकर 18 मिनट पर आठ लोग राजेश का पीछा करते है। अगली फुटेज हॉस्टल की है। यानी कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस का सीसीटीवी इस पूरे घटनाक्रम का प्रत्यक्ष गवाह है। फुटेज में झड़प, गाली गलौज, युवकों का राजेश को दौड़ाना आदि शामिल है। वहीं ताराचंद छात्रावास के सीसीटीवी वीडियो में पैदल जा रहे राजेश को आठ लड़कों द्वारा घेरना, मारपीट और फायरिंग की घटना भी कैद है। यहीं पर राजेश को गोली लगती है और मुकुल उन्हें अस्पताल लेकर जाते हैं। घटना को अंजाम देने में 8 युवक शामिल थे। सभी घटना के बाद भागते हुये भी फुटेज में कैद हो चुके हैं।

गार्डों ने दिया बयान
पुलिस ने फुटेज के साथ गेस्ट हाउस के गार्डों से भी कयी अहम जानकारी हासिल की है। एएसपी विनीत जायसवाल के अनुसार, गार्डों ने बताया है कि रात में असलहे से लैश राजेश और मुकुल यहां आये थे। वह नोटों की गड्डी लहरा रहे थे। वह गालियां देते हुये कह रहे थे कि बताओ किस छात्र नेता को जिताना है। खूब तेजी से कभी हंसते तो कभी सीरियस हो जा रहे थे। गार्डों के अनुसार मुकुल और राजेश एक लेट नाइट पार्टी में शामिल होने आये थे। अब तक पुलिस ने लेट नाइट पार्टी में शामिल लगभग हर शख्स की पहचान कर ली है। बताया जा रहा सभी संदिग्ध भी पहचाने जा चुके हैं। हलांकि यह साफ नहीं हो पाया है कि पार्टी में हास्टल के छात्र नेताओं के अलावा और कौन-कौन आया था। सवाल यह भी है कि राजेश को मात्र कहासुनी के विवाद में मारा गया या इसके पीछे कोई मास्टर प्लान है ?












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