UP Bypoll 2018: घर-घर जाकर बसपा कार्यकर्ता सपा के लिए मागेंगे वोट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपचुनाव में इस बार विपक्ष भाजपा के खिलाफ अपनी पूरी ताकत को एकजुट करने में जुटा है। बुधवार को गोरखपुर की रैली के दौरान पार्टी के लोकसभा उम्मीदवार प्रवीन निषाद के लिए लोगों से वोट अपील के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि कितने राजनीतिक दल एक साथ आ गए हैं, यहां तक कि बसपा ने भी समर्थन का ऐलान किया है, यह अब साधारण चुनाव नहीं है। ऐसा पहली बार है कि इस तरह की समीकरण बना है, पहली बार एक साथ इतने सारे मतदाता एकजुट हुए हैं।

औपचारिक है यह समर्थन का ऐलान
अपने संबोधन के दौरान अखिलेश यादव ने एक बार भी मायावती का नाम नहीं लिया, ना ही उनकी कोई तस्वीर मायावती के साथ मंच पर साझा की गई थी। रैली के दौरान बाबा साहेब के साथ राम मनोहर लोहिया, मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव को अलग-अलग पोस्टर में दिखाया गया था। साथ ही पीस पार्टी के नेता अयूब निषाद, संजय निषाद का भी पोस्टर मंच पर लगा था। लेकिन भीड़ में बसपा के झंडे भारी संख्या में देखे जा सकते थे। वहीं फूलपुर में बसपा नेता राजेंद्र पटेल बसपा पार्टी के कार्यालय में जब पहुंचे तो उन्होंने लोगों से पूछा आप ही बताइए हम क्या करें, साइकिल का झंडा लगाए या सिर्फ नीाल कुर्ता पहने और नीला झंडा लगाएं।

बसपा नेता भी उलझन में
राजेंद्र पटेल के सवाल पर पार्टी के नेताओं का कहना है कि आपको साइकिल का झंडा लगाने की जरूरत नहीं है, आप बसपा के झंडे के साथ ही लोगों के बीच जाइए और उनसे कहिए कि आपको अपना वोट साइकिल पर देना है, हम सपा के चुनाव चिन्ह का प्रचार नहीं करेंगे। आपको बता दें कि गोरखपुर से योगी आदित्यनाथ और फूलपुर से केशव प्रसाद मौर्या के इस्तीफा दे देने के बाद दोनों ही सीटें खाली हो गई है, जहां 11 मार्च को मतदान होना है।

मंच साझा नहीं करेंगे
स्थानीय बसपा नेताओं को कहा गया है कि वह अपने गांवों का दौरा बहुत जोरशोर में नहीं करें, साथ ही सपा के नेताओं के साथ तस्वीरें भी नहीं खिचाएं क्योंकि हम उपचुनाव नहीं लड़ रहे हैं। यही नहीं बसपा नेताओं को कहा गया है कि वह सपा नेताओं के साथ मंच भी नहीं साझा करें। बसपा के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि हमारे पास तकरीबन 8000 सक्रिय कार्यकर्ता हैं फूलपुर की सीट पर। वह इन अपने इलाकों में जाएंगे और बहनजी का संदेश लोगों तक पहुंचाएंगे कि वह अपना वोट सपा को दें।

जमीनी तौर पर काम करना है
फूलपुर की ही तरह गोरखपुर में भी बसपा के महानगर अध्यक्ष संजय पांडे ने बताया कि सपा नेताओं ने हमे रैलियों में बुलाया है, लेकिन हम यहां नहीं जाएंगे क्योंकि हमारी अध्यक्ष ने हमे कहा है कि उनके साथ मंच नहीं साझा करना है, बल्कि जमीनी तौर पर काम करना है, ताकि बसपा के वोट सपा को जाएं, जिससे की भाजाप को इस चूनाव में हार का सामना करना पड़े। पांडे ने बताया कि बसपा नेता अलग-अलग ग्रुप में काम कर रहे हैं, वह लोगों के घर जाकर उन्हें बता रहे हैं कि वह अपना वोट सपा को दें।

वोटर भी समर्थन देने को तैयार
गोरखपुर देहात में तकरीबन 2600 मतदाता हैं, जिसमे से 40 फीसदी दलित हैं। यहां टैक्सी चलाने वाले रमेश कुमार कहते हैं कि वह अपना वोट सपा को देने के लिए तैयार हैं क्योंकि बहनजी ने कहा है कि सपा को अपना वोट दें। मेरे लिए यह मायने नहीं रखता है कि अखिलेश दलित हैं या नहीं, लेकिन बहनजी ने कहा है इसलिए मैं अपना वोट सपा के उम्मीदवार को दुंगा। वहीं पेशे से किसान ध्रुव यादव का कहना है कि अगर यादव, दलित और मुसलमान एकजुट हो जाएं तो भाजपा को हार का सामना करना पड़ेगा।












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