कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के बयान पर भड़कीं मायावती, बोलीं- 'नेहरू-गांधी को नहीं, बाबा साहेब को जाता है श्रेय'
Mayawati News: एससी-एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर के मुद्दे पर अपना स्टैंड क्लीयर नहीं करने के लिए बीएसपी चीफ मायावती ने कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लिया। इस दौरान मायावती ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा किए गए दावों पर सवाल उठाया।
मायावती ने रविवार 11 अगस्त को अपने एक्स हैंडल पर लिखा, 'कल बीएसपी की प्रेस कान्फ्रेंस के बाद कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के दिए बयान की जानकारी मिली, जिससे ST-ST के समक्ष कांग्रेस पार्टी के बयान में बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को नहीं बल्कि नेहरू व गांधी जी को आरक्षण का श्रेय दिया गया है जिसमें रत्तीभर भी सच्चाई नहीं।'

मायावती ने आगे लिखा कि वास्तव में आरक्षण का पूरा श्रेय बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को ही जाता है जिनको किस तरह से कांग्रेस के लोगों ने संविधान सभा में जाने से रोकने का षड़यन्त्र रचा तथा उनको चुनाव में भी हराने का काम किया। कानून मंत्री पद से भी इस्तीफा देने को विवश किया।
इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यह कहा कि देश में SC व ST वर्गों के उपवर्गीकरण के संबंध में पार्टी के स्टैण्ड का खुलासा करने के पहले इनकी पार्टी NGOs व वकीलों आदि से विचार-विमर्श करेगी, जिससे स्पष्ट है कि कांग्रेस उपवर्गीकरण (sub-classification) के पक्ष में है।
कांग्रेस द्वारा क्रीमीलेयर के बारे में भी गोलमोल बातें की गई है। कांग्रेस के 99 सांसद होने के बाद भी सत्रावसान होने तक संसद में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को निष्प्रभावी बनाने के लिए कोई भी आवाज नहीं उठाई गई जबकि इस पार्टी ने संविधान व आरक्षण को बचाने के नाम पर ये सीटें जीती हैं।
क्या कहा था मल्लिकार्जुन खड़गे ने?
दरअसल, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भाजपा पर आरक्षण खत्म करने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा, 'PM मोदी को संसद में घोषणा करनी चाहिए थी कि क्रीमी लेयर लागू नहीं किया जाएगा। भाजपा ने पहले ही सरकारी नौकरियां खत्म कर दी हैं।'
खड़गे ने सवाल किया कि क्रीमी लेयर की अवधारणा को लागू करके सरकार किसको लाभ पहुंचाना चाहती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत में दलितों के लिए आरक्षण बाबा साहब के पूना समझौते के ज़रिए स्थापित किया गया था और पंडित जवाहरलाल नेहरू और महात्मा गांधी जैसे नेताओं ने इसे जारी रखा।
उन्होंने क्रीमी लेयर पर अदालत के फ़ैसले पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा, 'हम हमेशा आरक्षण के लिए लड़ते रहेंगे।' उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि एससी-एसटी लोगों को क्रीमी लेयर का लेबल देकर आरक्षण से बाहर करना एक बड़ा झटका है।












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