बीजेपी को हराने के लिए दुश्मनी भूल बीएसपी-एसपी आए साथ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सियासी जमीन को बचाने के लिए आखिरकार सपा और बसपा साथ आ गए हैं। न्यूज वेबसाइट आज तक की खबर के मुताबिक फूलपुर और गोरखपुर में होने वाले उपचुनाव के लिए बसपा ने समाजवादी पार्टी को अपना समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। फिलहाल अभी औपचारिक ऐलान बाकी है। आज तक के मुताबिक फूलपुर और गोरखपुर दोनों ही सीटों पर 11 मार्च को मतदान होना है और 14 मार्च को मतगणना होने के बाद नतीजों की घोषणा कर दी जाएगी। इन दोनों ही सीटों पर भाजपा ने 2014 में चुनाव जीता था। गोरखपुर से योगी आदित्यनाथ तो फूलपुर से केशव प्रसाद मौर्या को जीत मिली थी।

माना जा रहा है कि राज्यसभा पहुंचने के लिए मायावती ने यह दांव चला है। 23 मार्च को 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। लेकिन बसपा के पास सिर्फ 19 विधायक है, ऐसे में वह सपा की मदद से राज्यसभा का सफर तय कर सकती हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के इस्तीफा देने के बाद दोनों ही सीटें खाली हो गई है। यहां 11 मार्च को मतदान होना है और 14 मार्च को मतगणना होने के बाद नतीजों की घोषणा कर दी जाएगी। इन दोनों ही सीटों पर भाजपा ने 2014 में चुनाव जीता था। गोरखपुर से योगी आदित्यनाथ तो फूलपुर से केशव प्रसाद मौर्या को जीत मिली थी।
जातीय समीकरण को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने फूलपुर से कौशलेंद्र पटेल को मैदान में उतारा है, जबकि सपा ने भी नागेंद्र पटेल को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं कांग्रेस ने मनीष मिश्रा को टिकट दिया है। लेकिन इस पूरी गणित को बिगाड़ने का काम निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरे अतीक अहमद कर रहे हैं। अतीक अहमद फूलपुर सीट से सांसद रह चुके हैं।












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