बीजेपी से बागी हुए विधायक सुरेंद्र सिंह ने पार्टी के खिलाफ फूंका बिगुल, जानिए क्या है आगे की रणनीति
लखनऊ, 11 फरवरी: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में टिकट कटने वाले अब अपना ठौर तलाशने लगे हैं। कभी बीजेपी के दिग्गज नेता कहे जाने वाले सुरेंद्र सिंह अब बागी हो चुके हैं। सुरेंद्र ने मुकेश सहनी की पार्टी ज्वाइन कर ली है और उससे आज नामांकन करेंगे। बीजेपी से बगावत कर चुके बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह बिहार सरकार के मंत्री मुकेश साहनी की वीआईपी पार्टी से चुनाव लड़ेंगे। वीआईपी से टिकट मिलने के बाद सुरेंद्र सिंह ने कहा है कि जिस समाज ने भगवान श्रीराम की नाव पार की थी, अब वही समाज हमारी नाव को भी पार करेगा। यानी सुरेंद्र सिंह अब अपनी सीट पर ठाकुर वोटों के साथ ही निषादों का मत भी साधने में जुट गए हैं। उनके खिलाफ बीजेपी के आनंद स्वरूप शुक्ला होंगे जिन्हें बीजेपी ने टिकट दिया है।
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सुरेंद्र सिंह को मिला मुकेश सहनी का साथ
यूपी चुनाव बीजेपी के बागी विधायक को साहनी का समर्थन मिला है। बिहार सरकार में मंत्री और एनडीए के सदस्य मुकेश साहनी की पार्टी वीआईपी ने बीजेपी के बागी विधायक सुरेंद्र सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है. बलिया की बैरिया सीट से मुकेश साहनी ने बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह को टिकट दिया है. सुरेंद्र सिंह ने मुकेश साहनी की पार्टी से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. जिसके बाद अब वह नए चुनाव चिन्ह नट छप पर वोट मांगते नजर आएंगे। सुरेंद्र सिंह शुक्रवार को वीआईपी उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल करेंगे।

बीजेपी से टिकट कटने से नाराज हैं सुरेंद्र सिंह
दरअसल सुरेंद्र सिंह भी उन विधायकों में शामिल हैं, जिनके टिकट बीजेपी ने काटे हैं। टिकट कटने से नाराज सुरेंद्र सिंह बागी हो गए हैं और बीजेपी के खिलाफ मैदान में उतर रहे हैं। यूपी की राजनीति में अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले सुरेंद्र सिंह का टिकट काटकर बीजेपी ने यहां आनंद स्वरूप शुक्ला को मैदान में उतारा है। इसके बाद वह नाव पर सवार हो गए हैं और अपनी पुरानी पार्टी के खिलाफ खेल रहे हैं।

सहनी के बहाने निषादों का वोट साधने की कवायद
वीआईपी पक्ष से टिकट मिलने के बाद सुरेंद्र सिंह ने शुक्रवार को नामांकन दाखिल करने का ऐलान किया हैं। उन्होंने कहा है कि वीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष साहनी उनके घर आए हैं और उनके उम्मीदवार बनने का अनुरोध किया है। जिसके बाद उन्होंने अपनी सहमति भी दे दी है। सुरेंद्र सिंह ने प्रत्याशी बनने की घोषणा के साथ ही कहा कि जिस समाज ने भगवान श्रीराम की नाव पार की थी, वही समाज अब हमारी नाव को भी पार करेगा। सुरेंद्र सिंह निषाद समाज की ओर इशारा कर रहे थे।

165 सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा
मुकेश साहनी निषाद समाज से आते हैं और उनके वोटर भी निषाद ही हैं। इसके अलावा उनका चुनाव चिन्ह भी एक नाव है। यूपी चुनाव में मुकेश साहनी की पार्टी ने 165 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का दावा किया है. मुकेश साहनी ने कहा है कि वीआईपी पार्टी की कोशिश यूपी में 25 लाख वोट हासिल करने की है। मुकेश साहनी यूपी चुनाव में बीजेपी के साथ गठबंधन करना चाहते थे। लेकिन बीजेपी से कीमत नहीं मिलने के बाद अब वह यहां अकेले ही चुनावी मैदान में उतर रही है।












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