बैंकों के निजीकरण पर वरुण गांधी ने अपनी ही सरकार से पूछे सवाल, कहा- बैंककर्मियों के बच्चों को कौन खिलाएगा?
बैंकों के निजीकरण पर वरुण गांधी ने अपनी ही सरकार से पूछे सवाल, कहा- बैंककर्मियों के बच्चों को कौन खिलाएगा?
बरेली, 21 दिसंबर: कभी पीलीभीत सांसद वरुण गांधी को भारतीय जनता पार्टी का फायर ब्रांड नेता माना जाता था। लेकिन अब वरुण गांधी लगातार अपनी ही सरकार के खिलाफ बयान और सोशल मीडिया पर ट्वीट कर रहे है। साथ-साथ वो अपनी सरकार के खिलाफ असहज करने वाले सवाल भी उठा रहा हैं। बता दें, किसानों के मुद्दे पर काफी लंबे वक्त से अपनी ही सरकार पर हमलावर रहे बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने अब बैंकों के निजीकरण के मुद्दे सवाल उठाए है। सवाल करते हुए वरुण गांधी ने पूछा है उनके बच्चों को कौन खिलाएगा?
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पीलीभीत से भाजपा सांसद वरुण गांधी ने कहा कि बैंकों का अगर निजीकरण हुआ तो 8 से 10 लोगों की नौकरी चल जाएगी। बरेली में बोलते हुए वरुण गांधी ने आगे कहा कि 40 से 45 साल के उम्र में बैंककर्मियों को फिर से कौन प्रशिक्षित करेगा? उन्हें फिर से कौन नियुक्त देगा? उनके बच्चों को कौन खिलाएगा?। वरुण गांधी ने कहा भले ही एमटीएनएल, बीएसएनएल, एयरपोर्ट और एयरलाइंस बिक गए। लेकिन अब आम आदमी के बच्चों को कौन रोजगार देगा?
इतना ही नहीं, वरुण गांधी ने कहा कि निजीकरण और ई-कॉमर्स के जरिए हो रहे तमाम कारोबार को देश की अर्थ व्यवस्था के लिए खतरा बताया। कहा कि हर चीज़ को मुनाफे की दृष्टि से देखना ठीक नहीं है। नौकरियां देने की जगह छीनने का काम हो रहा है। निजीकरण के नाम पर सब कुछ बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिन्दू-मुस्लिम, अगड़ा-पिछड़ा, जात-पात के जाल से निकलिए संगठित होकर आवाज़ उठाइए और देश बचाइए।
सांसद ने कहा कि नौजवान रोज़गार की तलाश में भटक रहे हैं और ऊपर से निजीकरण के नाम पर करोड़ों लोगों को बर्बाद करने की साजिश रची जा रही है। वह बोले कि उनके लिए देश पहले है। राजनीति बाद की बात है। वह राष्ट्र के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं।












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