मोदी के गढ़ में पलटा जाएगा हाईकमान का फैसला, विरोध के आगे टेके घुटने

By: ashwani
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वाराणसी। वाराणसी दौरे पर आये भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य को जहां विधानसभा चुनाव में एकजुट होने के लिए गाइड करना था। वहीं, उन्हें अपने ही कार्यकर्तायों के विरोध का सामना करना पड़ा, ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य को अपनी साख बचाने के लिए मौजूदा विधायक श्याम देव राय की चौखट तक जाना पड़ा जो बीते सात बार से वाराणसी के शहर दक्षिणी सीट से जीतते आ रहे हैं। 

क्या है नाराजगी की वजह?

क्या है नाराजगी की वजह?

पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की दक्षिणी सीट के मौजूदा विधायक श्याम देव राय चौधरी भाजपा से अपने किये हुए अपमान से नाराज हैं। दादा का मानना हैं कि नेता चुनना जनता का अधिकार है। फिर बीजेपी नेतृत्व ने ये कदम क्यों उठाया। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष उन्हें इस बात की सांत्वना देते रहे कि पार्टी उन्हें उचित सम्मान देगी। लेकिन दादा किसी भी हालत में वर्तमान प्रत्याशी का समर्थन और प्रचार करने को तैयार नहीं हैं। इसी नाराजगी को देखते हुुए भाजपा हाइकमान ने अपना फैसला बदलने का निर्णय लिया है औरवाराणसी शहर दक्षिणी के सात बार के विधायक श्याम देव राय को फिर से प्रत्याशी बनाने की बात कही है इसके लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दो दिन की मोहलत मांगी।

दादा के समर्थन में कांग्रेसी भी आए

दादा के समर्थन में कांग्रेसी भी आए

इसी विधानसभा क्षेत्र के सनातन धर्म इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य हरेंद्र शुक्ला भी श्याम देव का समर्थन करते नजर आए। शुक्ला ने बीजेपी अध्यक्ष केशव के दादा के घर से निकलते वक्त कहा कि वे भले ही कांग्रेसी हैं लेकिन वोट दादा की इमानदारी को देखते हुए उनकी पार्टी को ही जाता है। ऐसे में इस स्वच्छ छवि के नेता का आपकी पार्टी ने टिकट काटकर बेहद गलत फैसला किया है।

oneindia से क्या कहा विधायक श्याम देव राय ने

oneindia से क्या कहा विधायक श्याम देव राय ने

शहर दक्षिणी से सात बार करीब 35 वर्षों से पार्टी की सेवा करने वाले विधायक श्याम देव ने oneindia से बात करते हुए कहा कि मुझे बिना बताये पार्टी ने मेरे साथ छल किया हैं। मैं किसी भी कीमत पर वर्तमान प्रत्याशी का ना तो समर्थन करुंगा और ना ही पार्टी का प्रचार करूंगा। यही हाल रहा तो शहर दक्षिणी की जनता इस विधानसभा में मेरे सम्मान में कमल नहीं खिलने देगी।

अमित शाह लेंगे आखिरी फैसला

oneindia सेबात करते हुए विधायक ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष ने मुझसे दो दिनों की मोहलत मांगी है। विधायक ने कहा, 'प्रदेश अध्यक्ष ने मुझसे कहा कि शनिवार को लखनऊ में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह विधानसभा का घोषणा पत्र जारी करेंगे जहां वे राष्ट्रीय अध्यक्ष से बात करेंगे और कोशिश करेंगे कि वाराणसी के शहर दक्षिणी से टिकट मुझे वापस दिया जाए।' इसी बात से ये उम्मीद लगाई जा रही हैं कि मोदी की काशी शहर दक्षिणी का प्रत्याशी बदला जा सकता हैं।

ये है विरोध का असल कारण

ये है विरोध का असल कारण

दरअसल, वाराणसी में दो विधानसभा सीटों कैंट और दक्षिणी सीट को लेकर विरोध है। कैंट से सौरभ श्रीवास्तव तो दक्षिणी से निलकंठ तिवारी को प्रत्याशी के तौर पर चुना गया है। बता दें कि निलकंठ तिवारी दादा श्याम देव राय चौधरी के स्थान पर आये हैं जो कि बीजेपी से मौजूदा विधायक हैं। बता दें कि श्याम देव चौधरी पिछले सात बार से यहां से विधायक हैं। जिसके चलते दादा श्याम देव सहित उनके कार्यकर्ताओं ने भारी विरोध प्रदर्शन किया हुआ है और दादा के लिए टिकट वापसी की मांग को लेकर कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे थे।

भाजपा कार्यकर्ताओं के विरोध के आगे झुकी पार्टी

भाजपा कार्यकर्ताओं के विरोध के आगे झुकी पार्टी

बता दें कि शुक्रवार को केशव प्रसाद ने कार्यकर्ताओं की मांग को ठुकराया दिया था। वहीं, विरोध का आलम ये था कि भाजपा के समर्थकों ने पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र के कार्यालय के बाहर टिकट के बंटवारे को लेकर अपना विरोध दर्ज किया था। लेकिन, काफी जद्दोजहद के बाद केशव मौर्य डैमेज कंट्रोल में लगे हुए थे। लेकिन केशव प्रसाद ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि घोषित उम्मीदवारों के नाम किसी भी कीमत पर वापस नहीं लिए जायेंगे।

 
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English summary
bjp keshav prasad maurya to meet mla shyam dev rai at varanasi in uttar pradesh.
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