परशुराम का फरसा गिरने से भाजपा ने साधा अखिलेश पर निशाना, सपा ने दी सफाई
लखनऊ, 10 जनवरी। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की राजनीति में राम और परशुराम पर भी पार्टियां दांव लगा रही हैं। 2 जनवरी को समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास भगवान परशुराम मंदिर के बाहर उनके अस्त्र फरसे का अनावरण किया था। 68 फीट ऊंचा यह फरसा 8 दिन बाद ही गिर गया है। फरसे के गिरने की तस्वीर आते ही अब इस पर सियासत भी शुरू हो गई है। भाजपा ने कहा कि भगवान परशुराम के मामले में भी सपा ने घोटाला किया है, फरसा टूटकर गिरा है जिससे सपा का नाश हो जाएगा। सपा ने जवाब देते हुए कहा कि सौंदर्यीकरण कराने के लिए फरसे की पुलिंग की गई है, संतुलन बिगड़ने से वो गिरा है, जल्दी ही ठीक किया जाएगा।

भगवान परशुराम का फरसा टूटकर गिरने की घटना पर भाजपा उत्तर प्रदेश के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि सपा चुनाव में किस प्रकार का हिंदू बनी है, उसका उदाहरण सामने है। कहा कि परशुराम के फरसे से ही समाजवादी पार्टी का नाश होगा। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि ब्राह्मण मतदाताओं को लुभाने के लिए समाजवादी पार्टी भगवान परशुराम का नाम ले रही है। सपा भगवानों को भी जाति की नजर से देखती है। जो पार्टी भगवान को चुनाव में इस्तेमाल करने का प्रयास करेगी उसको भगवान माफ नहीं करेंगे और जनता भी माफ नहीं करेगी। भगवान परशुराम का फरसा गिरने से सपा के भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हुआ है।
फरसे का वीडियो ट्वीट करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मीडिया एडवाइजर भाजपा नेता शलभ मणि त्रिपाठी ने लिखा कि 2017 में सपा का चुनावी रथ पहले ही दिन ख़राब होकर खड़ा हो गया, इस मर्तबा भगवान परशुराम का फरसा आठवें दिन ही गिर पड़ा, 2017 जैसे नतीजों का ही संकेत है ये, जाहिर है जो रामभक्तों के कातिल हैं उनको भगवान परशु"राम" जी भला कैसे माफ़ करेंगे,जय भगवान परशुराम।
फरसा गिरने पर हो रही आलोचना पर समाजवादी पार्टी ने सफाई दी है। सपा नेता संतोष पांडेय के मुताबिक, फरसा गिरा नहीं है। फरसे के सौंदर्यीकरण के लिए उसमें एलईडी लाइट और रेडियम लाइट लगाया जाना है। फरसे की पुलिंग कराई जा रही थी जिस दौरान संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर गया। फरसा थोड़ा सा उखड़ा है। बहुत जल्दी इस फरसे को सही कराया जाएगा और फिर एसेंबल कर खड़ा किया जाएगा।












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