सावधान: आधार कार्ड से खाली हो सकता है आपका बैंक अकाउंट, 5 लोग बने ठगी का शिकार

लखनऊ। केंद्र सरकार ने तमाम सरकारी योजनाओं को जरूरी कामों को आधार कार्ड से लिंक कर दिया है। चाहे बैंक अकाउंट हो या मोबाइल नबंर, राशन कार्ड हो या गैस सब्सिडी, बिना आधार कार्ड के अब आप सरकारी योजनाओं या सब्सिडी का लाभ नहीं उठा सकते है। मोबाइल नबंर तक को आधार से जोड़ना अनिवार्य कर दिया गया है। जिसतरह से आधार को हर काम के लिए जरूरी बनाया जा रहा है उससे जुड़े फ्रॉड के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी आधार से जुड़ा ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां शातिर ठगों ने 5 सरकारी कर्मचारियों के बैंक खाते को खाली कर दिया।

आधार से ठगी
लखनऊ के हजरतगंज थाने में शातिर जालसाजों ने आधार नबंर की मदद से 5 सरकारी कर्मचारियों को ऑनलाइन चूना लगाया और उनके बैंक खाते खाली कर डाले। ठगों ने आधार कार्ड को खाते से लिंक करने के नाम पर सरकारी कर्मचारियों को ठगी का शिकार बना लिया।

आधार नंबर से बैंक अकाउंट किया खाली
इस ठगी के शिकार हुए पीड़ितों के मुताबिक उन्हें किसी ने फोन कर बैंक अकाउंट से आधार लिंक कराने के लिए कहा। फोन करने वाले शख्स ने उनसे उनका आधार नंबर पूछा । उन लोगों ने जालसाजों के बहकावे में आकर आधार नंबर उस शख्स के साथ साझा कर दिया। फिर क्या था थोड़ी देर में उनके मोबाइल पर बैंक से बैलेंस कटने का मैसेज आ गया। पांचों के अकाउंट्स से लगभग 2.5 लाख रुपये निकाल लिए गए।

साइबर सेल के पास मामला
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पहला मामला सचिवालय में काम करने वाले शिवराम वर्मा के साथ हुआ। उन्हें फोन करने वाले शख्स ने बताया कि वो उनके बैंक से बोल रहा है और उनका बैंक खाता आधार से लिंक करना है। शख्स ने उन्हें बताया कि अगर उन्होंने अपना बैंक अकाउंट आधार से लिंक नहीं किया तो खाता ब्लॉक हो जाएगा। उन्होंने उसे अपना आधार नंबर दे दिया, फिर उस शख्स ने उनसे उनका डेबिट कार्ड नंबर मांगा और उनके फोन पर आए ओटीपी मांग ली और उनके खाते से 80 हजार रुपये निकाल लिए।

जांच में जुटी पुलिस
वहीं इस ऑनलाइन ठगी के दूसरे शिकार सचिवालय में कार्यरत ब्रजेश बने, उनके खाते से 60 हजार रुपये कट गए। ठगों ने अपना तीसरा शिकार स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत निर्मला को बनाया और उनके खाते से 20000 रुपए निकाल लिए। फिर उन्होंने एलडीए में क्लर्क गिरीश चंद और क्लर्क कृष्णश्री को बनाया। पुलिस ने इस मामले को साइबर सेल को सौंप दिया है।












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