बरेली हादसा: 'मेरे तो मां-बाप, बीवी, दो छोटे बच्चे सब खतम हो गए'
बरेली हादसे में कई लोगों ने अपने परिजनों को खो दिया। इस हादसे से जुड़ी दर्दनाक कहानियां सामने आ रही हैं। शेर सिंह के परिवार में कोई नहीं बचा।
बरेली। यूपी के बरेली में रोडवेज बस अग्निकांड में कुदरत ने मौत का ऐसा तांडव खेला जिसे देखकर किसी की रूह कांप जाए। अब काल के गाल में समाए लोगों से जुड़ी जो दर्दनाक कहानियां सामने आ रही हैं। बरेली में हादसे के शिकार हुए लोगों के परिजन परिजन पहुंच रहे हैं। ऐसे में नोएडा निवासी शेरसिंह भी जब अपनों को लेने बरेली पहुँचे तो उन्हें पता चला कि उनके पूरे परिवार में अब कोई भी नही बचा है।

एक शख्स के ऊपर टूटा गम का पहाड़
आंखों में आंसुओं के साथ दिलों में दर्द का सैलाब बटोरे बरेली बस अग्निकांड में मृतकों के परिजन बरेली पहुँचने लगे है। पहले तो इनकी आंखें घायलों की सूची में अपनों का नाम ढूंढती हैं और नाम न मिलने पर मौत का आभास इनके दिमाग को घेर लेता है। लेकिन शवों की हालत को देखते हुए बरेली प्रशासन किसी को भी शवों को देखने की इजाजत नहीं दे रहा है। मायूस परिजन राख हो चुकी जिंदगी में अपनों की दावेदारी के लिए ब्लड सैम्पल दे रहे हैं ताकि शवों से लिये गए डीएनए सैम्पल से मिलान हो सके। इस घटना में अपनो खो चुके तमाम इंसानों के बीच एक शख्श ऐसा भी पहुंचा जिसके सर पर गम का पहाड़ टूट पड़ा।

शादी में जा रहा था पूरा परिवार
इस भीषण अग्निकांड में नोएडा निवासी शेर सिंह ने अपने पिता, माँ व पत्नी के साथ बेटे और दुधमुंही बच्ची को खो दिया। शेर सिंह का पूरा परिवार मामा के यहां शादी में शिरकत करने गोंडा जा रहा था।

हादसे से पहले हुई थी पिता से बात
रात 11 बजे के आसपास उनकी अपने पिता से बातचीत भी हुई थी। उसके बाद से उनके परिवार का कोई पता नहीं चल रहा था।

बरेली पहुंचे शेर सिंह को रो पड़े
मीडिया के माध्यम से जानकारी होने पर शेर सिंह बरेली पहुंचे जहां उन्हें मायूसी हासिल हुई। पूरे परिवार की तबाही के बीच अपनों का शव लेने में शेर सिंह को अभी भी चार से पांच दिन का इंतजार करना होगा।
शेर सिंह का दर्द सुन रो देंगे आप, देखिए वीडियो
शेर सिंह ने रो-रोकर वाकये की जानकारी दी। सोमवार देर रात शुरू हुए शवो के डीएनए सैंपलिंग का काम मंगलवार सुबह तक चला। पोस्टमार्टम की खानापूरी के बीच मौजूद रहे सीएमओ विजय यादव ने शवों की हालत के बारे में जो बातें बताई उसे सुनकर सभी स्तब्ध रह गए।

मांं के साथ गोद में जल गए बच्चे
सीएमओ ने बताया कि शव में दो महिलाओं के शव ऐसे भी थे जिनकी गोद से दुधमुंहे बच्चे चिपके थे। शुरुआत में तो इसका पता ही नही चल सका की ये दो अलग-अलग शरीर हैं या एक। पोस्टमॉर्टम से ही इस बात का पता चल सका।
सीएमओ ने बताया, घटना कितनी दर्दनाक थी, वीडियो
जिला अस्पताल में पहुंच रहे परिजनों के ब्लड सैम्पल लेकर डीएनए मिलान के लिए भेजे जा रहे हैं। प्रशासन को उम्मीद है चार से पांच दिन के बीच डीएनए रिपोर्ट आ जायेगी। डीएनए मिलान के बाद मृतकों के शवों के अवशेष और अनुमन्य सहायता राशि परिजनों को सौंप दी जाएगी। लेकिन बरेली में घटित इस घटना को लोग लंबे समय के लिए भुला नही पाएंगे।












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