Professor Alok Khare कौन हैं? BJP नेता Madhvi लता को 'सेक्सी' बताया, खुद को कहा- 'मैं खतरों का खिलाड़ी'
UP, Bareilly News Hindi: उत्तर प्रदेश के बरेली से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा संस्थान से लेकर राजनीति तक हलचल मचा दी है। प्रोफेसर आलोक कुमार खरे के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया, जिसमें उन्होंने महिला भाजपा नेता माधवी लता की तस्वीर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
इस घटना के बाद कॉलेज कैंपस में हंगामा, छात्र संगठनों का विरोध और प्रशासनिक कार्रवाई, सब कुछ तेजी से हुआ। अब यह मामला सिर्फ एक पोस्ट तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि बड़े विवाद का रूप ले चुका है। 1 अप्रैल को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य कार्यालय घेर लिया, नारेबाजी की और प्रोफेसर खरे के साथ धक्का-मुक्की की। माहौल इतना बिगड़ा कि छात्राएं प्रोफेसर को मारने के लिए आगे बढ़ीं। प्रोफेसर को स्टाफ के पीछे छिपकर जान बचानी पड़ी। प्राचार्य डॉ. ओमप्रकाश राय ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रो. खरे को चीफ प्रॉक्टर पद से हटा दिया और पूरी प्रॉक्टोरियल टीम भंग कर दी। आखिर कौन है ये प्रोफेसर? और क्यों कहा सेक्सी? आइए जानते हैं...

Who Is Professor Alok Khare: कौन हैं प्रोफेसर आलोक खरे?
प्रोफेसर आलोक कुमार खरे बरेली कॉलेज (Bareilly College Campus) में चीफ प्रॉक्टर के पद पर तैनात थे। इस पद की जिम्मेदारी कॉलेज में अनुशासन व्यवस्था संभालने की होती है। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें भगवा वेश में एक महिला की फोटो पर आपत्तिजनक टिप्पणी लिखी गई थी। बाद में पता चला कि वह महिला भाजपा नेत्री माधवी लता हैं। विवाद बढ़ने के बाद प्रोफेसर खरे ने सफाई देते हुए कहा कि उन्हें यह नहीं पता था कि फोटो में कौन हैं। उनका दावा है कि उन्होंने सिर्फ एक पोस्ट शेयर की थी और उन्हें निशाना बनाने के लिए इस मुद्दे को बढ़ाया गया।
'मैं खतरों से निपटना जानता हूं'- खरे का बयान

मीडिया से बातचीत में प्रोफेसर आलोक खरे (Professor Alok Khare) ने कहा कि यह पूरा मामला सिर्फ एक टिप्पणी का नहीं है, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से तोड़ने की साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज के अंदर ही कुछ लोगों ने बाहरी तत्वों के साथ मिलकर उनके खिलाफ माहौल बनाया। उनका यह भी कहना है कि उन पर हमला करने की कोशिश की गई और उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। खरे ने यह भी कहा कि वह सरकार विरोधी नहीं हैं, लेकिन कमियों पर लिखते रहेंगे। साथ ही उन्होंने खुद को 'खतरों का खिलाड़ी' बताते हुए कहा कि वह डरने वाले नहीं हैं।
ABVP Protest Against Professor Alok Khare: ABVP का विरोध और कैंपस में हंगामा
इस पूरे विवाद के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए। 1 अप्रैल को बड़ी संख्या में छात्र प्राचार्य कार्यालय पहुंच गए और वहां जमकर नारेबाजी की। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि प्रॉक्टर के साथ धक्का-मुक्की तक हो गई। कुछ छात्राएं भी विरोध में आगे आ गईं, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। हालात को संभालने के लिए कॉलेज प्रशासन को तुरंत कदम उठाने पड़े।
प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
घटना के बाद कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ओमप्रकाश राय ने सख्त कदम उठाया। प्रोफेसर आलोक खरे को चीफ प्रॉक्टर के पद से हटा दिया गया। इसके साथ ही पूरी प्रॉक्टोरियल टीम को भी भंग कर दिया गया। यह फैसला हालात को नियंत्रण में लाने के लिए लिया गया, क्योंकि कैंपस में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा था।
Bareilly College Campus Case Timeline: क्या है पूरा टाइमलाइन?
- 30 मार्च को प्रोफेसर खरे ने सोशल मीडिया पोस्ट किया, जिस पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप लगा। उसी दिन उन्होंने इस्तीफा भी दे दिया।
- 31 मार्च को पोस्ट वायरल हुई और छात्र संगठनों ने विरोध की तैयारी शुरू की।
- 1 अप्रैल को सुबह से ही कॉलेज में प्रदर्शन शुरू हो गया। दोपहर तक मामला धक्का-मुक्की और हंगामे में बदल गया। शाम तक प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए खरे को पद से हटा दिया।
- 2 अप्रैल को भी कैंपस में तनाव बना रहा और सुरक्षा बढ़ा दी गई।
Who Is Madhvi Latha: कौन हैं माधवी लता?

कोम्पेला माधवी लता (उम्र 51 वर्ष) तेलंगाना की प्रमुख भाजपा नेता हैं। वे एक उद्यमी और सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर भी पहचान रखती हैं। उन्होंने हैदराबाद से 2024 लोकसभा चुनाव लड़ा था, जहां उनका मुकाबला असदुद्दीन ओवैसी से हुआ। हालांकि इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। माधवी लता एक सांस्कृतिक एक्टिविस्ट भी हैं और प्रोफेशनल भरतनाट्यम डांसर रह चुकी हैं। इसके अलावा वे ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दों पर भी सक्रिय रही हैं और मुस्लिम महिलाओं के साथ काम कर चुकी हैं। परिवार में उनके पति विश्वनाथ शर्मा और तीन बच्चे हैं।
विवाद क्यों बना बड़ा मुद्दा?
यह मामला सिर्फ एक सोशल मीडिया पोस्ट का नहीं रहा, बल्कि इसमें कई संवेदनशील पहलू जुड़ गए। एक तरफ महिला नेता पर आपत्तिजनक टिप्पणी, दूसरी तरफ कॉलेज जैसे संस्थान में हिंसक विरोध, इस सबने मामले को और गंभीर बना दिया। साथ ही, प्रोफेसर का यह आरोप कि उन्हें जान का खतरा है, इस विवाद को और पेचीदा बना देता है।












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