जंक्शन पर गिरकर चोटिल हुई महिला, रेलवे पर ठोका हर्जाने का केस
अधिवक्ता रीना अग्रवाल की याचिका पर उपभोक्ता फोरम कोर्ट ने रेलवे मुरादाबाद के डीआरएम, जीएम सहित चार लोगों को तलब किया है।
बरेली। अधिवक्ता रीना अग्रवाल की याचिका पर उपभोक्ता फोरम कोर्ट ने मुरादाबाद रेलवे के डीआरएम, जीएम सहित चार अधिकारियों को तलब किया है। रीना बरेली जंक्शन के पुल पर लगी घटिया टाइल्स के कारण गिरकर घायल हो गई थी। जिसके चलते रीना ने मुरादाबाद रेलवे प्रशासन के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की थी। गौरतलब है कि इस केस की सुनवाई फरवरी महीने की 3 तारीख को होगी। ये भी पढ़ें: जल्द ही आप 'पेप्सी राजधानी' या 'कोक शताब्दी' में यात्रा करते नजर आ सकते हैं, रेलवे बना रहा खास योजना

अधिवक्ता रीना के अनुसार वह चार अप्रैल को मुरादाबाद से बरेली के लिए चली थी। जैसे ही ट्रेन बरेली स्टेशन पर रुकी और बाहर निकलने के लिए ओवरब्रिज पर पहुंची। लेकिन कुछ ही दूरी तय करने के बाद वह अचानक लड़खड़ाकर ख़राब टाइल्स के कारण गिर गई और उनके पैर में फ्रेक्चर हो गया। लेकिन उन्हें रेलवे की तरफ से कोई भी फर्स्ट ऐड की मदद नहीं मिली। इस कारण वह कई दिनों तक अस्पताल में एडमिट रही।
महिला वकील ने इस घटना में रेलवे को दोषी मानते हुए उपभोक्ता फोरम में रेलवे के खिलाफ याचिका की थी। साथ ही 60 हजार रुपए का हर्जाना भी मांगा था। कोर्ट में महिला के केस की सुनवाई करते हुए रेलवे के अधिकारियों का पक्ष जानने के लिए 3 फरवरी को बुलाया गया है। बरेली के सुभाषनगर में रहने वाली महिला वकील रीना का आरोप है कि निर्माण में लगी घटिया टाइल्स के कारण अक्सर लोग चोटिल हो जाते हैं। लेकिन इस परेशानी के चलते इतनी बार हादसे होने के बाद भी रेलवे अधिकारी कोई संज्ञान नहीं लेते हैं। रीना को उपभोक्ता फोरम से न्याय मिलने के उम्मीद है। वहीं, लोग महिला वकील की रेलवे के खिलाफ की गई याचिका को समाज के लिए सकारात्मक पहल मान रहे हैं। ये भी पढ़ें:अखिलेश सरकार का दिव्यांगों के साथ मजाक, सप्ताह में एक दिन ही दी जाती है शिक्षा












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