Sawan 2023: बम भोले! कहीं मुस्लिम युवकों ने कांवड़ियों पर बरसाए फूल तो कहीं दिखी गोल्डन बुलेट
सावन का महीना आते ही उत्तर प्रदेश मानों भगवामय हो गया है। सड़कों पर नारंगी गमछा बांधे और भक्ति में डूबे लाखों भोले गंगाजल भरकर, कांवड़ कंधे पर रखकर अपने-अपने गंतव्य की ओर बेधड़क बढ़ते नजर आ रहे हैं। ऐसे में एक से एक अनोखी और मन को मोह लेने वाली तस्वीरें भी इंटरनेट पर वायरल हो रही है। आज नजर डालते हैं ऐसी ही कुछ तस्वीरों पर जिन्होंने सोशल मीडिया पर भी सुर्खियां बटोरी हैं।
मेरठ में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल
मेरठ सामने आई इन तस्वीरों पर यकीन कर पाना थोड़ा सा मुश्किल जरूर हो सकता है, मगर ये हिंदुस्तान है और यहां हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे की ऐसी सैकड़ों मिसालें हैं जो विभिन्न मौकों पर सामने आ जाती है। दरअसल, कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल देखने को मिली। यहां मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की। समुदाय के लोगों ने कांवड़ियों का मेरठ पहुंचने पर स्वागत किया।

मुस्लिम युवाओं ने की कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा, किया स्वागत
बता दें कि हापुड़ रोड़ तिरंगा गेट पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे के पश्चिम उत्तर प्रदेश मीडिया प्रभारी नासिर सैफी के नेतृत्व मे मुस्लिम समाज के युवाओं द्वारा कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा की गयी और पानी की बोतलें, फ्रूटी आदि देकर मेरठ आगमन पर स्वागत किया गया। इनका मानना है कि देश के भाईचारे एंव सद्भावना को बढ़ाने के लिये मुस्लिम युवाओं ने कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा करके मेरठ आगमन पर स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि हमे हिन्दू मुस्लिम एकता के साथ रहना चाहिए और एक दूसरे के त्योहारों मे सहयोग करना चाहिए।

शामली के मुस्लिम भी नहीं किसी से पीछे
दूसरी तस्वीर है जनपद शामली के कैराना अंतर्गत कांधला रोड की, जहां मुस्लिम समाज से संबंध रखने वाले सत्तार अहमद, अय्यूब खान, मोहसीन आदि ने हरिद्वार से आने वाले शिवभक्तों को केले और अन्य फलों का वितरण किया। इस दौरान ये सभी हाथ जोड़कर शिवभक्तों से फलों को लेने का आग्रह करते नजर आए। इन्होने बताया कि ये लोग कई सालों से शिवभक्तों और कांवड़ियों की सेवा करते चले आ रहे हैं।

कोरोना में शिवशंकर ने दिखाया चमत्कार
वहीं इन शिवभक्तों के बीच हरिद्वार से दिल्ली कांवड़ ले जा रहे एक भोले ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींच लिया। दरअसल, दिल्ली के मंजीत अपनी पत्नी और पूरे समूह के साथ कांवड़ लेकर निकले हैं। मंजीत हरिद्वार से बुलेट पर कांवड़ ला रहे हैं। मंजीत बताते हैं कि कोरोना काल में हम दोनों पति, पत्नि को सीवियर कोविड हुआ। काम भी छूट गया था। तब लगा कि अब कुछ नहीं बचेगा। लेकिन शुरू से भोलेनाथ पर आस्था ने हमे बचा लिया और एक सप्ताह बाद बिल्कुल सही हो गए।

गोल्डन बुलेट पर कांवड़
बस इसी के बाद मंजीत ने तय किया कि अब प्रभु की कांवड़ हर साल लाएंगे। लेकिन लोगों का ध्यान उनकी तरफ तब गया जब उनकी नजर मंजीत की बुलट पर पड़ी। तस्वीर में आप देख सकते हैं कि सुनहरे रंग से चमचति बुलेट पर वो यह कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। खास बात ये है कि उन्होंने अपनी बुलेट को ड़ेढ़ लाख रुपए में खुद मोडिफाई किया है। दोनों पति-पत्नी बुलेट पर ही कांवड़ लेने जाते हैं। वहीं उनकी बाकी टीम वैन में झांकी के साथ चलती है।

डेढ़ लाख में ऐसे त्यार हुई ये अनोखी सवारी
इसके एलावा उन्होंने पूरी बुलेट पर गोल्डन स्प्रे किया और इस पर शिवशंभू के टैटू बनाए। पीछे शेषनाग की झांकी लगाई। दो बड़ी भगवा ध्वज लगाई और खुद भी जटारूप रखकर कांवड़ लेने निकले पड़े। आपको बताते चलें कि मंजीत की प्रभु में इतनी गहरी आस्था है कि उन्होंने अपनी पीठ, सीने और दोनों बाजुओं पर शिव शंकर के टैटू बनवाए हैं। हाथ में भोले का डमरू लेकर उसे बजाते हुए चलते हैं।












Click it and Unblock the Notifications