Bahujan Samaj Party: उत्तराखंड में जनाधार बढ़ाने पर फोकस करेगी BSP, समीक्षा बैठक में मायावती ने दिए निर्देश
Uttar pradesh: बसपा सुप्रीमो मायावती निकाय चुनाव में हार के बाद से ही लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारियों में जुट गई हैं। मायावती हर दिन राज्यों की समीक्षा बैठकें कर आवश्यक दिशा निर्देश दे रही हैं।

Uttar pradesh: उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री एवं बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) प्रमुख मायावती ने शुक्रवार को पार्टी की उत्तराखंड इकाई की समीक्षा की और वरिष्ठ नेताओं से कमियों को दूर करने और जनाधार बढ़ाने का निर्देश दिया। दरअसल, बसपा सुप्रीमो मायावती अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले राज्यवार संगठनात्मक समीक्षा बैठकें ले रही हैं।
पहाड़ी राज्य में संगठन मजबूत करने पर फोकस
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में मौजूदा भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) सरकार का रवैया लोगों के कल्याण के खिलाफ है। पार्टी की ओर से शुक्रवार को यहां जारी बयान के मुताबिक, मायावती ने उत्तराखंड इकाई की कमियों को दूर करने और पहाड़ी राज्य में पार्टी संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने पार्टी कैडर को आगे बढ़ने और आवश्यक बदलाव करने का निर्देश दिया।
उत्तराखंड में जनाधार बढ़ाने की कवायद
बसपा प्रमुख ने कहा कि उत्तराखंड में पार्टी के आगे बढ़ने की काफी गुंजाइश है। उन्होंने कहा कि अन्य पार्टियां ज्यादातर चुनावी लालच, जुमलेबाजी और वादाखिलाफी में लगी हुई हैं, जो आम जनता के हित और कल्याण को प्रभावित कर रही हैं। अलगाव के इतने दिन बाद भी उत्तराखंड मंहगाई, गरीबी और बेरोजगारी से जूझ रहा है और उचित जनहित, जनकल्याण और अपेक्षित विकास की तड़प से जूझ रहा है।
मायावती ने गिनाए बसपा के काम
मायावती ने तत्कालीन अविभाजित उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी द्वारा किए गए कार्यों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यह बसपा सरकार थी जिसने ऊधम सिंह नगर, बागेश्वर, चंपावत और रुद्रप्रयाग को नए जिलों के रूप में सीमांकित किया। उत्तराखंड का गठन 9 नवंबर, 2000 को भारत के 27वें राज्य के रूप में हुआ था, जब इसे उत्तरी उत्तर प्रदेश से अलग कर बनाया गया था।
गुरुवार को हुई थी महाराष्ट्र की समीक्षा बैठक
इससे पहले मायावती ने गुरुवार को महाराष्ट्र इकाई के पदाधिकारियों की भी बैठक की और पार्टी का जनाधार बढ़ाने पर जोर दिया। बसपा अध्यक्ष ने महाराष्ट्र में पार्टी कार्यकर्ताओं से आगामी लोकसभा चुनावों की तैयारी शुरू करने का आह्वान करते हुए कहा कि पार्टी को अब तक राज्य में एक मजबूत ताकत बन जाना चाहिए था।
महाराष्ट्र में समय से पहले हो सकते हैं चुनाव
बसपा प्रमुख ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में सत्ता को लेकर जारी खींचतान के कारण ऐसी संभावना है कि राज्य में समय से पहले चुनाव हो सकते हैं। सत्ता के लिए लगातार संघर्ष, स्वार्थ और आपसी वैमनस्य के कारण महाराष्ट्र में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल है और इससे आम लोगों का कल्याण और विकास प्रभावित हो रहा है। बसपा प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं से महाराष्ट्र की 48 लोकसभा और 288 विधानसभा क्षेत्रों में पूरी ताकत से काम करने को कहा है।












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