Om Prakash Rajbhar: बाहुबली मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास बने ओम प्रकाश राजभर के गले की फांस?
यूपी में अब मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को लेकर बीजेपी पर हमले हो रहे हैं। अब्बास अंसारी दरअसल बीजेपी के सहयोगी ओम प्रकाश राजभर की पार्टी से विधायक हैं।
Om Prakash Rajbhar-BJP: भारतीय जनता पार्टी (BJP) और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के बीच लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर गठबंधन तो हो गया है कि लेकिन एसबीएसपी के चीफ ओम प्रकाश राजभर के लिए माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी गले की फांस बनते जा रहे हैं। अब्बास को लेकर विरोधी राजभर के साथ ही बीजेपी पर भी निशाना साध रहे हैं जिससे दोनों पार्टियों पर दबाव बनता जा रहा है।

6 विधायकों में तीन सपा के तीन हमारे
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओम प्रकाश राजभर हालांकि जब से बीजेपी के साथ गठबंधन हुआ है तब से यही दलील दिए जा रहे हैं कि अब्बास अंसारी को सपा ने उनकी पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ाया था। अब्बास ही नहीं दो और विधायक सपा प्रमुख अखिलेश के कहने पर राजभर की पार्टी के सिंबल से चुनाव लड़े थे। यानी राजभर के 6 विधायकों में से तीन सपा के हैं। बाकी तीन राजभर के हैं। लेकिन उनके इस दावे को स्वीकार नहीं कर रहा है।
एनडीए का हिस्सा बन गए हैं ओम प्रकाश राजभर
राजभर का हाल ही में बीजेपी के साथ गठबंधन हुआ है और अब वह एनडीए का हिस्सा बन गए हैं। राजभर ने सहयोगी बनने के बाद कहा कि, केवल अब्बास हीं नहीं, दो और विधायक जफराबाद से जगदीश नारायण और महादेवा से दुधराम भी सपा के ही उम्मीदवार थे। लेकिन गठबंधन के तहत जो शर्तें रखी गईं थीं उसके आधार पर वो हमारी पार्टी से ही चुनाव लड़े।
विधानसभा चुनाव में अखिलेश से हुई थी ये डील
इस तरह राजभर की पार्टी से जीते कुल 6 विधायकों में केवल तीन ही एसबीएसपी के विधायक हैं बाकी तीन सपा के हैं। इन तीन नामों में ओम प्रकाश राजभर जहूराबाद से, हनसूराम बेल्थरारोड से और बेदीराम जखनिया सीट से हैं। राजभर अब ये दावा कर रहे हैं कि गठबंधन के दौरान उन्होंने अखिलेश से कहा था कि पार्टी कम से कम 13 सीटों पर चुनाव जीतना चाहती है जिससे उसको चुनाव आयोग की तरफ से क्षेत्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाएगा।
अब्बास के भविष्य को लेकर कुछ नहीं बोल रहे राजभर
राजभर ने कहा कि अखिलेश ने कहा कि वह 13 सीटों की जगह 17 सीट दे देंगे लेकिन इन सीटों पर सपा के उम्मीदवार एसबीएसपी के सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे लेकिन हमने उनकी इस बात का विरोध किया था। हालांकि राजभर ने अब्बास को लेकर कहा कि वह अभी जेल में बंद हैं और उनका भविष्य क्या होगा यह तो वही जानें।
अब्बास के बहाने विरोधी साध रहे निशाना
हालांकि इस बीच विरोधी पार्टियां इस मुद्दे को तुल देने का प्रयास कर रही हैं और अब्बास अंसारी के मामले को उछालने में जुटी हैं ताकि इसके बहाने की एनडीए को घेरा जा सके। हालांकि बीजेपी के नेता अब्बास के मामले में कुछ बोलने को तैयार हैं। बीजेपी के कुछ नेता अंदरखाने केवल इतना ही कहते हैं कि ये राजभर की पार्टी का मामला है और इसको कैसे हैंडल करना है ये वही जाने।












Click it and Unblock the Notifications