बहराइच: 24 घंटे में पांच बच्चों ने दम तोड़ा, अस्पताल प्रशासन मौन

बहराइच। तराई में पल-पल बदल रहा मौसम मासूमो पर कहर बनकर टूट रहा है। बुखार, उल्टी दस्त व अन्य संक्रामक रोगों की चपेट में पांच बच्चों की उपचार के दौरान मौत हो गई। औसतन प्रतिदिन यहां दो मासूमों की असमय मौत हो रही है। 12 दिन में अस्पताल में इलाज के दौरान 16 बच्चों की मौत हो हुई है। वहीं पिछले माह अगस्त में 57 बच्चों ने दम तोड़ा है। जबकि 17 नए रोगी भर्ती किये गए हैं। इनमें छह बच्चों की हालत नाजुक बताई गई है। संसाधन बढ़ाने और इलाज की दिशा में बेहतर इंतजाम करने के बजाय महकमे के जिम्मेदारों का कहना है जिन बच्चों की मौत अस्पताल में हुई है, उन्हें बेहद गंभीर हालत में लाया गया था।

नहीं थमा मौतों का सिलसिला

नहीं थमा मौतों का सिलसिला

जिला अस्पताल में बच्चो के मौतों का सिलसिला थमने का नाम नही ले रहा है। बेहतर इलाज की आस में बहराइच के अलावा गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती व नेपाल के मरीज जिला अस्पताल की दहलीज चढ़ते हैं। लेकिन यहां संसाधन की कमी मरीजों का मर्ज बढ़ा रही हैं। जिला अस्पताल में बच्चों के आधुनिक इलाज के लिए पीडियाट्रिक आईसीयू स्थापित है। जहां कैलीफोर्निया से मंगाए गए वेंटीलेटर इंस्टाल है। लेकिन संचालक न होने के चलते वेंटीलेटर की धड़कन सुन्न पड़ी है। जैसे तैसे मरीजों का इलाज चल रहा है। वर्तमान में तराई क्षेत्र का मौसम तेजी से बदल रहा है। इसके चलते बुखार, डायरिया, निमोनिया आदि संक्रामक रोगों का प्रसार तेजी से हो रहा है। इसके चलते अस्पताल की ओपीडी में अचानक रोगियों की संख्या में इजाफा हो गया है। यह भी पढ़ें- यूपी: सरकारी अस्पताल में डॉक्टर के इंतजार में तड़पकर बच्ची की मौत

बुखार से मर रहे बच्चे

बुखार से मर रहे बच्चे

17 नए बाल रोगी चिल्ड्रेन व पीडियाट्रिक आईसीयू में भर्ती हुए है। हरदी थाना अंतर्गत सिपहिया प्यूली गांव निवासी शिवांगी (2.5) को बुखार था। उसे जिला अस्पताल लाया गया। लेकिन इलाज के दौरान मौत हो गई। इसी तरह पयागपुर थाना इलाके के पंडरी गांव निवासी रंजीत (6) को उल्टी दस्त की शिकायत पर जिला अस्पताल लाया गया। रंजीत की मौत हो गई। उधर, कोतवाली देहात क्षेत्र के आगापुरवा गांव निवासी समीर (2.5) और बलरामपुर जिले के रंजीतपुर गांव निवासी अंजनी (5) व शिवम (4) ने भी अस्पताल में दम तोड़ा है। जबकि विकास, रचना, मोनू समेत छह बच्चों की हालत गंभीर है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ केके वर्मा का कहना है सीमित संसाधनों में रोगियों का बेहतर इलाज किया जा रहा है।

अगस्त माह में 57 बच्चों की मौत

अगस्त माह में 57 बच्चों की मौत

अगस्त माह में भर्ती बच्चों की संख्या-1405, मौत- 57
14 सितंबर तक भर्ती हुए बच्चों की संख्या- 530, मौत-16

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