Ayushman Card: क्या आपका नाम भी छूटा? इस जिले में 4 लाख लोगों को नहीं मिला आयुष्मान कार्ड, जानिए क्या है वजह
Ayushman Card: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत 4 लाख 13 हजार से अधिक लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड अब तक नहीं बन पाए हैं। सरकार द्वारा स्वास्थ्य केंद्रों और गांवों में शिविर आयोजित करने के बावजूद योजना धरातल पर पूरी तरह सफल नहीं हो पाई है।
स्वास्थ्य विभाग राशन कार्ड को आधार बनाकर आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया अपना रहा है, लेकिन राशन कार्ड में नाम न होने या आधार नंबर से मेल न खाने के कारण कई लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

शासन के कई निर्देशों के बावजूद जिले में अभी तक लाखों लोगों के आयुष्मान कार्ड नहीं बन सके हैं। इसके चलते लाभार्थी अपने कार्ड बनवाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर सीएमओ कार्यालय तक के चक्कर काट रहे हैं।
कई मामलों में परिवार की संख्या छह या उससे अधिक होने के बावजूद आधार से लिंक न होने की समस्या सामने आ रही है। ऐसे लोगों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई स्पष्ट समाधान नहीं मिल रहा, जिससे वे योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
जिले में इतने लोगों को मिलना था लाभ
गोंडा जिले में कुल 282657 परिवारों के 122154 लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड दिए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। काफी प्रयास के बाद अब तक केवल 788810 लाभार्थियों का कार्ड ही बनाया जा सका है।
लक्ष्य के मुकाबले केवल 65 प्रतिशत ही कार्ड बन पाए हैं, जिससे हजारों परिवार इस सरकारी योजना से वंचित रह गए हैं। कई जगहों पर सर्वर डाउन, आधार नंबर मैच न करने और दस्तावेजों में त्रुटि के कारण कार्ड बनने में बाधाएं आ रही हैं।
योजना को गति देने के लिए पंचायत सहायक, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, एएनएम और एनसीसी के छात्र-छात्राओं को कार्ड बनाने की प्रक्रिया में लगाया गया था। इसके बावजूद अपेक्षित गति से काम नहीं हो सका, जिससे अभी भी लाखों लोग योजना के लाभ से दूर हैं।












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