स्कूल के सिलेबस में आ गए अटल बिहारी वाजपेयी, पर सरकार ने कर दी ये बड़ी गलती
इलाहाबाद। भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता व उनकी जीवनी इस साल उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद अपने स्टूडेंटों को पढ़ने के लिए उपलब्ध करा रहा है। छठवीं कक्षा की हिंदी की किताब में अटल की कविता का पाठ जोड़ा गया है। लेकिन, बेसिक शिक्षा परिषद की लापरवाही के चलते राष्ट्रीय पाठ्य पुस्तक सत्र 2018-19 में बड़ी गलती सामने आई है। किताब में अटल की जन्म तिथि गलत अंकित कर दी गई है। किताब में अटल का जन्मदिन 2 दिसंबर प्रकाशित किया गया है। हालांकि इतनी बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद अब अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है और इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने जांच के आदेश भी दे दिए हैं।

कहां हुई है गलती
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा इस वर्ष उच्च प्राथमिक स्कूलों में हिंदी की पुस्तक के पाठ्यक्रम में कुछ बदलाव किया गया है। जिसके अन्तर्गत कक्षा 6 में मंजरी पुस्तक के पाठ संख्या 21 में अटल की कविता 'आओ फिर से दिया जलाएं को जोड़ा गया है। यह पृष्ठ संख्या 113 पर है। इसी पर अटलजी की जीवनी अंकित है। जिसमें उनका जन्मदिन 2 दिसंबर 1924 अंकित गई है, जो कि गलत है। अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मदिन 25 दिसंबर 1924 है।
बदलाव के साथ जांच का आदेश
इस बावत बेसिक शिक्षा परिषद की सचिव रूबी सिंह बताया कि सभी जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को तत्काल अटल की जन्म तिथि को संशोधित करने के लिए कहा गया है। जो सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के माध्यम से संशोधित की जाएगी। वहीं, इस मामले में अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा डा. प्रभात कुमार ने सभी विषयों की किताबों की प्रूफ रीडिंग कराने के निर्देश देते हुए गड़बड़ी पर जांच का आदेश दिया है और इसकी जांच बेसिक शिक्षा निदेशक डा. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह को सौंपी गई है। जांच पूरी होने के बाद इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।












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