कांग्रेस की खड़ी हो गयी खाट, बन गयी अपना दल से भी छोटी पार्टी
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की हालत इतनी खराब हो गई कि वह राज्य में अपना दल से भी छोटी पार्टी बनकर रह गई है। कांग्रेस ने सिर्फ 7 सीटें जीती जबकि अपना दल के खाते में 9 सीेटें आईं।
मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश चुनाव में कांग्रेस की यह दशा हो गयी कि वह दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पायी। उससे बेहतर प्रदर्शन तो उत्तर प्रदेश में अपना दल (सोनेलाल) ने कर दिया। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सात सीटें मिली हैं जबकि अपना दल ने नौ पर विजय हासिल की है। अपना दल का प्रदर्शन इस मायने में भी बेहतर है कि वह 11 सीट पर लड़ी और नौ पर जीत हासिल की। जबकि कांग्रेस 105 में लडी और सात पर ही जीत हासिल कर सकी।

राहुल गांधी ने चुनाव अभियान की शुरुआत खाट सभा और 27 साल यूपी बेहाल के नारे से शुरू की थी। इस चुनाव में कांग्रेस की खाट खड़ी हो गयी और वह प्रदेश की राजनीति में बेहाल दशा में खड़ी है। विधानसभा चुनाव में इस जीत ने केन्द्रीय मंत्री अनुप्रिया ने अपना कद काफी ऊंचा कर लिया है। अव वह गठबंधन में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है और प्रदेश मंत्रिमंडल में उनकी दावेदारी है।
परिवार में विरोध के बावजूद हासिल किया मुकाम
अपना दल (सोनेलाल) की मुखिया अनुप्रिया ने कड़े संघर्ष के बाद यह मुकाम हासिल किया है। उनके पिता सोनेलाल पटेल ने कई बार चुनाव लडा लेकिन जीत हासिल नहीं हुई। एक बार पार्टी के टिकट पर सुरेन्द्र पटेल जीते लेकिन वह सपा में शामिल हो गये।
अनुप्रिया ने पिछले विधानसभा चुनाव में रोहनिया से जीत हासिल की और लोकसभा चुनाव में भाजपा के साथ पार्टी का गठबंधन कर 2014 में मिर्जापुर से सांसद बनी। रिक्त सीट पर उन्होंने मां कृष्णा पटेल को चुनाव लड़ाया लेकिन सपा से कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद परिवार में दरार बढ़ने लगी।
मां के साथ बहन पल्लवी ने खुद को सर्वेसर्वा घोषित कर कमान संभालने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो सकी। मामला कोर्ट तक पहुंचा लेकिन इसमें अनुप्रिया गुट को चुनाव चिन्ह मिल गया। कृष्णा पटेल का हालत यह रही कि रोहनिया सीट से वह दस हजार वोट भी नहीं हौसिल कर सकी। उनके गुट की जीत तो दूर खुद की जमानत नहीं बच सकी।












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