Aparna Yadav: क्या है छिपकली काण्ड जिसके बाद तलाक तक पहुंचा मामला! क्यों विवादों में घिरीं मुलायम की छोटी बहू?
Aparna Yadav: उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपर्णा यादव (Aparna Yadav) का नाम इन दिनों हाई-वोल्टेज ड्रामे का केंद्र बना हुआ है। पिछले कुछ दिनों से लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में हुए 'छिपकली कांड' को लेकर सुर्खियों में रहीं अपर्णा के लिए आज यानी 19 जनवरी 2026 का दिन एक और बड़ा झटका लेकर आया।
जहां एक तरफ वे सरकारी अस्पताल प्रशासन पर खुद पर 'जीव-जंतु' फिंकवाने का आरोप लगाकर कानूनी लड़ाई लड़ रही थीं। वहीं आज उनके पति प्रतीक यादव (Prateek Yadav) के सोशल मीडिया अकाउंट से आए 'तलाक' वाले पोस्ट ने आग में घी डालने का काम किया है।

Aparna Yadav Controversy: क्या था KGMU का 'छिपकली कांड'?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब महिला आयोग की उपाध्यक्ष के तौर पर अपर्णा यादव केजीएमयू में एक महिला डॉक्टर के कथित 'धर्मांतरण' मामले की फाइल देखने पहुंची थीं। अपर्णा ने आरोप लगाया कि वहां की वीसी डॉ. सोनिया नित्यानंद उनसे मिलने के बजाय भाग गईं। इस दौरान अपर्णा ने दावा किया कि उन पर दबाव बनाने के लिए अंदर से किसी ने उनके ऊपर छिपकली या गिरगिट फिंकवाया।
इस घटना के बाद अपर्णा के समर्थकों ने परिसर में 'जय श्री राम' के नारे लगाए। जिसके पलटवार में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अपर्णा के सुरक्षाकर्मियों और समर्थकों पर सरकारी काम में बाधा डालने का केस दर्ज करा दिया।
Aparna Yadav: 'छिपकली' के बाद अब 'तलाक' का सस्पेंस
KGMU विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ था कि आज प्रतीक यादव के आधिकारिक इंस्टाग्राम से एक पोस्ट वायरल हो गई। इस पोस्ट ने 'छिपकली कांड' से मचे शोर को पारिवारिक कलह की तरफ मोड़ दिया। पोस्ट में प्रतीक यादव के हवाले से लिखा गया कि वह अपर्णा के 'स्वार्थी' व्यवहार से परेशान हैं और जल्द ही तलाक लेने जा रहे हैं।
जैसे ही खबर फैली, अपर्णा के भाई अमन बिष्ट ने मोर्चा संभाला और कहा कि प्रतीक का अकाउंट हैक किया गया है। उन्होंने इसे अपर्णा की छवि खराब करने की कोशिश बताया।
विवादों के बीच का कनैक्शन, साजिश या इत्तेफाक?
जानकारों का कहना है कि इन दोनों घटनाओं के तार आपस में जुड़े हो सकते हैं। अपर्णा यादव जिस तरह से KGMU में 'लव जिहाद' और भ्रष्टाचार के खिलाफ आक्रामक दिखीं, उसके तुरंत बाद उनके निजी जीवन पर इस तरह का हमला होना कई सवाल खड़े करता है।
समर्थकों का कहना है कि पहले 'छिपकली कांड' के जरिए उन्हें डराने की कोशिश की गई और जब वे नहीं झुकीं, तो अब उनके वैवाहिक जीवन को लेकर सोशल मीडिया पर प्रोपेगेंडा चलाया जा रहा है।
Aparna Yadav: मुश्किल में 'छोटी बहू'
फिलहाल अपर्णा यादव दोहरी लड़ाई लड़ रही हैं। एक तरफ KGMU प्रशासन के साथ उनका 'छिपकली युद्ध' जारी है। वहीं दूसरी तरफ उन्हें अब दुनिया को यह समझाना पड़ रहा है कि उनके और प्रतीक के बीच सब कुछ ठीक है! यह देखना दिलचस्प होगा कि महिला आयोग की यह उपाध्यक्ष इस 'चक्रव्यूह' से बाहर कैसे निकलती हैं।
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