भाजपा प्रत्याशी भाभी को जिताने के लिए कांंग्रेस कद्दावर ने नहीं डाला वोट!

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शाहजहाँपुर। राहुल गांधी के बेहद करीब रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद पर अब निकाय चुनाव के प्रत्याशी के पति ने भाजपा को सपोर्ट करने आरोप लगाया है। आरोप है कि निकाय चुनाव से एक महीने तक आखिर जितिन प्रसाद ने जिले मे कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन मे रैलियां क्यों नहीं की? कांग्रेस शहर अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि पहले मेरी पत्नी को प्रत्याशी बनाया गया लेकिन उसके बाद लखनऊ से जितिन प्रसाद और प्रदेश अध्यक्ष ने जिलाधिकारी को एक लेटर लिखा जिसमें कहा गया कि शहर से किसी प्रत्याशी को टिकट नहीं दिया गया है। खास बात ये है कि मतदान के दिन जितिन प्रसाद का पूरा परिवार शहर से बाहर रहा।

शाहजहांपुर के कांग्रेस नेता का छलका दर्द

शाहजहांपुर के कांग्रेस नेता का छलका दर्द

दरअसल दूसरे चरण मे होने वाले निकाय चुनाव मे कांगेस में शाहजहाँपुर नगरपालिका प्रत्याशी नसरीन खान को बनाया था। नसरीन खान कांग्रेस के पुराने नेता व शहर अध्यक्ष तस्नीम अली खान की पत्नी है। कांग्रेस प्रत्याशी नसरीन खान के पति व कांग्रेस अध्यक्ष तस्नीम अली खान ने राहुल के करीबी पूर्व मंत्री जितिन प्रसाद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना कि पांच नवंबर की सुबह उनके पास लखनऊ से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का फोन आया और कहा कि वह उनको कांग्रेस का सिंबल देने का मन बना लिया है। उसके बाद वह उसी दिन लखनऊ निकल गए और कांग्रेस का सिंबल लेकर आ गए। उसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी को नगरपालिका चुनाव लड़ाने के लिए पूरी प्रक्रिया पूरी की और 7 नवंबर को नामांकन करा लिया। लेकिन तभी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितिन प्रसाद और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने एक लेटर जिलाधिकारी को लिखा जिसमें उन्होंने कहा कि शाहजहाँपुर से कांग्रेस ने नगरपालिका का किसी को सिंबल नहीं दिया है। उनको पता चलने पर जिलाधिकारी कार्यालय से उस लेटर को निकालकर अपने पास रख लिया और पत्नी को मना कर दिया कि वह चुनाव का प्रचार नहीं करेगी और साथ ही किसी से अपने पक्ष में वोट डालने के लिए कहेंगी।

जितिन प्रसाद पर लगाए गंभीर आरोप

जितिन प्रसाद पर लगाए गंभीर आरोप

कांग्रेस शहर अध्यक्ष तस्नीम अली खान ने कहा कि चुनाव से पहले सभी पार्टियों के नेता शाहजहाँपुर आए और उन्होंने अपने प्रत्याशियों के समर्थन मे जीतने के लिए रैलियां निकाली लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितिन प्रसाद व उनका गृह जनपद भी शाहजहाँपुर है उसके बावजूद निकाय चुनाव से एक महिने पहले से जितिन प्रसाद ने जिले मे प्रत्याशियों के समर्थन मे क्यों रैलियां नहीं की। कांग्रेस को कमजोर करने का काम जितिन प्रसाद ने किया है। इस निकाय चुनाव में जितिन प्रसाद व उनके परिवार ने वोट नहीं डाला। कहा जाता है कि मतदान करना देश के हर नागरिक के लिए सर्वोपरि होता है लेकिन उसके बावजूद जितिन प्रसाद व उनका परिवार शहर मे नहीं था। जितिन प्रसाद उनकी पत्नी और जितिन प्रसाद की मां वोट डाल सकती थी लेकिन चुनाव के दिन सभी शहर से बाहर रहे। ऐसे मे वोट न डालना जनता के बीच क्या संदेश जाएगा? अगर चाहते तो शहर मे आकर वोट डाल सकते थे लेकिन जितिन प्रसाद तो निकाय चुनाव से एक महीना पहले ही शहर से गायब हो गए थे।

जितिन प्रसार और परिवार वोटिंग से गायब

जितिन प्रसार और परिवार वोटिंग से गायब

हलांकि अपना दर्द बयां करते हुए कांग्रेस से शहर अध्यक्ष व कांग्रेस प्रत्याशी के पति तस्नीम अली खान ने कहा कि 17 साल की उम्र से ही जितिन प्रसाद के पिता जी जितेन्द्र प्रसाद के साथ राजनिति मे कदम रखा था, उनसे उन्होंने बहुत कुछ सीखा था। साथ ही जब वह शाहजहाँपुर से एमपी बने तो उन्होंने बहुत मेहनत की थी। तस्नीम अली खान ने कहा कि अपनी जिंदगी कांग्रेस के नाम कर दी थी। पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होने तिलहर विधानसभा से टिकट मांगा था लेकिन पार्टी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद को टिकट देकर मैदान मे उतारा तो उन्होंने पार्टी का आदेश मानते हुए चुनाव में बहुत मेहनत की थी। हमें टिकट न मिलने पर कोई शिकायत नहीं थी लेकिन जब निकाय चुनाव आया और महिला सीट हुई तो उन्होंने पत्नी के लिए शाहजहाँपुर नगरपालिका का टिकट मांगा। पार्टी ने पहले सिंबल दिया, उसके बाद जितिन प्रसाद और प्रदेश अध्यक्ष का लेटर जिलाधिकारी के पास आता है और सिंबल देने से इनकार कर देता है। उनका आरोप है कि निकाय चुनाव में उन्होने वोट नहीं दिया, क्यों नहीं दिया?

जितिन की भाभी नीलीमा भाजपा प्रत्याशी

जितिन की भाभी नीलीमा भाजपा प्रत्याशी

आपको बता दें कि निकाय चुनाव में बीजेपी ने शाहजहांपुर नगरपालिका सीट से पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद की भाभी को प्रत्याशी बनाया। सपा ने निवर्तमान चैयरमेन तनवीर खान की मां जहां आरा खान को प्रत्याशी बनाया है। इसके अलावा बीएसपी ने हसीन बानो को अपना प्रत्याशी बनाया है। इसके अलावा बात कांग्रेस की करें तो कांग्रेस के शहर अध्यक्ष तस्नीम अली खान की पत्नी नसरीन खान को प्रत्याशी तो बनाया गया लेकिन चुनाव से पहले ही कांग्रेस ने जिलाधिकारी को लेटर भेजकर साफ कर दिया कि पार्टी ने नगरपालिका सीट से किसी को प्रत्याशी नहीं बनाया है। ऐसे में चुनाव वाले दिन जब जितिन प्रसाद व उनका परिवार वोट डालने नहीं आया तो मीडिया से लेकर दूसरी पार्टियों में काफी चर्चाएं हुई। वोट न डालने का साफ कारण किसी को पता नहीं है।

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English summary
Allegations against Jitin Prasad and family for not voting in Shahjahanpur, Uttar Pradesh.
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