अखिलेश यादव ने 2019 के चुनाव में उतरने का किया ऐलान, आगे के चुनावों के लिए रखी एक मांग
लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि वो लोकसभा के चुनावी मैदान में उतरेंगे। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि वो यूपी की किस सीट से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे।
नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी बिसात बिछने लगी है। यूपी में भाजपा का विजय रथ रोकने के लिए यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जहां बसपा सुप्रीमो मायावती के साथ गठबंधन किया है, वहीं मंगलवार को सपा मुखिया ने ऐलान किया कि वो 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि वो लोकसभा के चुनावी मैदान में उतरेंगे। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि वो यूपी की किस सीट से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे।

बैलेट पेपर के जरिए हो मतदान
कैराना और नूरपुर में हुए उपचुनाव के दौरान ईवीएम और वीवीपीएटी में आई खराबी के मुद्दे पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा, 'कैराना और नूरपुर में कई इलाकों से ईवीएम को लेकर शिकायतें आईं। हम मांग करते हैं कि आने वाले सभी चुनावों में बैलेट पेपर के जरिए मतदान हो। बैलेट पेपर से मतदान इस देश के लोकतंत्र को मजबूत करेगा। मुझे यह भी उम्मीद है कि उन क्षेत्रों के लोगों को फिर से मतदान करने का मौका दिया जाएगा, जहां ईवीएम खराब हुई थी।'

'जनता को मताधिकार से वंचित करने की साज़िश'
इससे पहले सोमवार को कैराना और नूरपुर में ईवीएम से संबंधित शिकायतों को लेकर अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा, 'हज़ारों EVM में ख़राबी की शिकायतें आ रही हैं। किसान, मज़दूर, महिलाए व नौजवान भरी धूप में अपनी बारी के इंतज़ार में भूखे-प्यासे खड़े हैं। ये तकनीकी ख़राबी है या चुनाव प्रबंधन की विफलता या फिर जनता को मताधिकार से वंचित करने की साज़िश। इस तरह से तो लोकतंत्र की बुनियाद ही हिल जायेगी।'

'जगह-जगह से EVM के खराब होने की खबरें'
अखिलेश ने ट्वीट करते हुए कहा, 'उप चुनाव में जगह-जगह से EVM मशीन के खराब होने की खबरें आ रही हैं, लेकिन फिर भी अपने मताधिकार के लिए ज़रूर जाएं और अपना कर्तव्य निभाएं। शामली, कैराना, गंगोह, नकुड, थानाभवन और नूरपुर के लगभग 175 पोलिंग बूथों से EVM-VVPAT मशीनों के खराब होने की शिकायत तुरंत सुनी जाए।'












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