अखिलेश यादव ने कहा BJP बताएं शिवाजी महराज का तिलक कैसे हुआ था? कोई मनु महाराज आए थे सब गड़बड़...
Akhilesh Yadav News: अखिलेश यादव ने छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक और तिलक को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उनके इस बयान से राजनीतिक गलियारे में तेज हलचल हो सकता है। शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक केवल एक राजा का तिलक नहीं था, बल्कि यह सामाजिक न्याय और समरसता की दिशा में एक बड़ा कदम था। उन्होंने साबित किया कि शासन का अधिकार केवल जन्म से नहीं, बल्कि कर्म और योग्यता से तय होना चाहिए।
सपा नेता अखिलेश यादव ने बीजेपी पर करारा हमला बोलते हुए कहा है कि बीजेपी इतिहास के बहुत से पन्ने को उड़ा देती है। छत्रपति शिवाजी महराज का तिलक कैसे हुआ था कोई बीजेपी वाला हमे बता दे? जो हजारों साल पुरानी लड़ाई है कोई मनु महाराज आए थे जो गड़बड़ कर दिए। उनकी वजह से हमलोग- आपलोग सबलोग बंट गए हैं। कोई कुछ हो गया, कोई कुछ हो गया।

छत्रपति शिवाजी महराज का तिलक कैसे हुआ था: अखिलेश यादव
उन्होंने कहा हमारे छत्रपति शिवाजाी महराज हमारे पूजनीय हैं। हमारे परिवार के हैं। इन सबके परिवार के हैं। बीजेपी के परिवार के नहीं हो सकते शिवाजी महराज। ये बात मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं। अगर बीजेपी को मेरा बात बुरा लगता है तो वो बताएं छत्रपति शिवाजी महराज का तिलक कैसे हुआ था? अगर इतिहास के पन्ने पलटोगे तो इतिहास के वो पन्ने भी पलटना होगा।
अभी भी गरीब, किसान और गांव में रहने वाले लोगों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि ये जो चीजे उठाई जाती है संभल वाली या औरंगजेब वाली ये अपनी नाकामी पर पर्दा डालने के लिए ये चीजे उठाते हैं। ताकि जनता को पता ही न लगे कि देश में क्या हो रहा है?
अस्सी और बीस की बात करने वाले योगी नहीं हो सकते है
उन्होंने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि समाज को बांटने की बात करने वाला योगी नहीं हो सकता है। कपड़े पहनने से कोई योगी नहीं बनता है। विचार और भाषा से योगी बनते हैं। जो दूसरों के दुःख को अपना समझे और जिसके विचार अच्छे हो वही योगी बनता है। क्या मुख्यमंत्री जी दूसरे का दुख समझते है? समाज में अस्सी और बीस की बात करने वाले योगी नहीं हो सकते है।
बता दे कि स्थानीय ब्राह्मणों ने शिवाजी का राज्याभिषेक करने से इंकार कर दिया था। शिवाजी को क्षत्रिय न मानकर राजा के रूप में स्वीकार करने से इंकार कर दिया था, क्योंकि वे भोंसले समुदाय से थे, जिसे मराठवाड़ा में निचली जाति समझा जाता था।












Click it and Unblock the Notifications