अखिलेश ने निपटाए मुलायम के अब तक 93

सपा की कमान संभालने के बाद अखिलेश यादव ने अबतक कुल 93 मुलायम समर्थकों के टिकट पर चलाई है तलवार।

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के भीतर विवाद से ठीक पहले एक कार्यक्रम में जब अखिलेश यादव को तलवार पकड़ाई गई थी तो अखिलेश ने कहा था कि अब अगर तलवार दी है तो उसे चलाने की भी आजादी दो। उस वक्त किसी ने यह नहीं सोचा होगा कि अगर अखिलेश को तलवार चलाने की आजादी नहीं दी गई तो वह इस आजादी को छीनकर लेंगे और एक दिन जिसने तलवार दी उसी पर यह तलवार ताबड़तोड़ चलानी शुरु कर देंगे। सपा के भीतर मचे घमासान के बाद जिस तरह से अखिलेश यादव ताबड़तोड़ फैसले ले रहे हैं उसे देखकर हर कोई स्तब्ध है।

शिवपाल-मुलायम समर्थकों पर चली अखिलेश की तलवार

शिवपाल-मुलायम समर्थकों पर चली अखिलेश की तलवार

कांग्रेस के साथ गठबंधन करके सपा ने अपने उम्मीदवारों की सूचि जारी की है इसमें अभी तक कुल 93 उम्मीदवारों के नाम पर तलवार चल चुकी है। यह वह उम्मीदवार हैं जो मुलायम सिंह यादव व शिवपाल यादव के समर्थक थे और उन्हें पूर्ववर्ती लिस्ट में जगह मिली थी। लेकिन अखिलेश ने जो लिस्ट अब जारी की है उसमें महज कुछ ही लोगों को टिकट मिला है जिनके नाम मुलायम व शिवपाल की लिस्ट में थे। मुलायम सिंह व शिवपाल के तमाम समर्थकों को अखिलेश ने तकरीबन पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

अपराधियों को बाहर का रास्ता

अपराधियों को बाहर का रास्ता

जिन 93 नामों को अखिलेश यादव ने खारिज किया है उसमें गैंगस्टर अतीक अहमद से लेकर अमनमणि त्रिपाठी तक के नाम शामिल हैं। अतीक अहमद को पहले कानपुर की कैंट सीट से टिकट दिया गया था, वहीं अमरमणि त्रिपाठी के बेटे अमनमणि को भी महाराजगंज के नौतनवा से टिकट दिया गया था जिसे हाल ही में अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था। इन नामों के अलावा अखिलेश ने कई मौजूदा मंत्रियों के नाम पर भी तलवार चलाई है।

मंत्री-विधायकों को भी अखिलेश ने नहीं बख्शा

मंत्री-विधायकों को भी अखिलेश ने नहीं बख्शा

अखिलेश यादव ने कासगंज सीट से मंत्री मानपाल सिंह व काजीपुर से मंत्री विजय कुमार मिश्रा का भी टिकट काट दिया है। इसके अलावा जहूराबाद से विधायक शादाब फातिमा का भी टिकट काट दिया गया है। हालांकि इन नामों से इतर अखिलेश यादव ने मुलायम सिंह के करीबी गायत्री प्रजापति को अमेठी से जबकि कौमी एकता दल के सिबतुल्ला अंसारी को गाजीपुर से टिकट दे दिया गया है। कौमी एकता दल का सपा में उस वक्त विलय कर लिया गया था जब शिवपाल यादव पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष थे। वहीं मुख्तार अंसारी जोकि जेल में हैं उन्होंने जेल के भीतर से ही मऊ सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।

बेनी के बेटे का भी कटा टिकट

बेनी के बेटे का भी कटा टिकट

मुलायम के कुछ और करीबियों को भी अखिलेश ने टिकट दिया है, जिसमें करहल से विइधायक सोवाराम सिंह यादव हैं। इससे पहले अखिलेश यादव ने उनके चचेरे भाई अंशुल यादव को टिकट दिया था। सपा से राज्यसभा सांसद बेनी प्रसाद वर्मा के बेटे राकेश वर्मा का भी अखिलेश यादव ने टिकट काट दिया है, उनकी जगह अरविंद सिंह गोप को बाराबंकी से टिकट दिया गया है। माना जा रहा है कि राकेश वर्मा भाजपा में शामिल हो सकते हैं और भाजपा के टिकट पर ही चुनाव लड़ सकते हैं।

अपर्णा और पवन पांडे को टिकट

अपर्णा और पवन पांडे को टिकट

इसे अलावा अखिलेश यादव ने मुलायाम सिंह के करीबी जयशंकर पांडे के बेटे आशीष पांडे का भी टिकट काट दिया है और उनकी जगह पर मौजूदा विधायक पवन पांडे को अखिलेश ने टिकट दिया है। वहीं मुलायम सिंह की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव को अखिलेश यादव ने लखनऊ कैंट से टिकट दिया है। अपर्णा यादव का मुकाबला भाजपा की सीट से इस बार लखनऊ कैंट से किस्मत आजमा रही रीता बहुगुणा जोशी से होगा।

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