UP में चुनाव बीतते ही अब लगेगा बिजली का झटका, जानिए नियामक आयोग ने क्यों उठाया ये बड़ा कदम
लखनऊ, 04 मार्च: उत्तर प्रदेश में बिजली दर बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। नियामक आयोग ने सभी बिजली कंपनियों से अगले दस दिन में स्लैब वार टैरिफ प्लान दाखिल करने को कहा है। आयोग ने इसको लेकर निर्देश जारी कर दिया है। माना जा रहा है कि इस बार बिजली दरों का बढ़ना तय है। चुनाव और लॉक डाउन की वजह से पिछले तीन साल से उप्र में बिजली दरें नहीं बढ़ी है। पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में एक दिन पहले ही बिजली दर बढ़ाने का फैसला किया गया है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक सरकार जल्द ही बिजली के निजीकरण की तरफ बढ़ सकती है लेकिन इसमें अभी थोड़ा समय लगने की संभावना जतायी जा रही है।

आयोग ने बिजली कंपनियों से मांगा टैरिफ प्रस्ताव
एक तरफ नियामक आयोग ने टैरिफ प्रस्ताव मांगा है, दूसरी तरफ उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने इसको लेकर विरोध शुरू कर दिया है। उनकी दलील है कि प्रदेश की बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं का पहले ही 20500 करोड़ रुपए निकल रहा है। ऐसे में बिजली दर बढ़ाने की बजाए उसको कम कर द देना चाहिए। हालांकि दूसरी ओर ऊर्जा विभाग की सूत्रों की माने तो आने वाले छह महीनों में बिजली विभाग का निजिकरण होने क पूरी संभवना है।

कारपोरेशन को मिला दस दिन का समय
बिजली कंपनियों व पावर कारपोरेशन से 10 दिन में जवाब दाखिल करने के निर्देश के बाद तय माना जा रहा है कि इसके बाद बिजली दरे बढेगी। इससे पहले पिछले साल भी प्रस्ताव दिया गया था लेकिन तब कोविड और आर्थिक मंदी की वजह से इसको खारिज कर दिया गया था। लेकिन अब दरों में बढ़ोतरी तय है। विद्युत नियामक आयोग द्वारा बिना सब्सिडी के बिजली दर का प्रस्ताव इस निर्देश के साथ दाखिल करने का आदेश दिया है। इस बार बिजली कंपनियों ने कुल वितरण हानियां लगभग 17 प्रतिशत आंकलित की हैं. सभी बिजली कंपनियों का वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) लगभग 85,500 करोड रुपए का है।

उपभोक्ताओं का पैसा कंपनियों पर निकल रहा है
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा का कहना है कि बिजली कंपनियों के सामने सबसे बडा सवाल यह उठेगा की उनके पास पहले से ही उपभोक्ताओं का 20 हजार 500 करोड़ रुपए निकल रहा है। नियामक आयोग ने पावर कॉर्पोरेशन से जवाब तलब किया गया था। अभी तक विचाराधीन है अब उस पर पावर कॉर्पोरेशन क्या करता है यह देखना होगा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता परिषद हर हाल में बिजली दर कम कराने के लिए पूरी ताकत लगाएगी।

मीटर न लगने का मामला भी उठा
विभागीय कर्मचारियों के पास अभी तक मीटर नहीं लग पाया है। आदेश के बाद भी उनके यहां अभी तक मीटर नहीं लगा है। इसके अलावा सिक्योरिटी पर ब्याज के मामले में भी रिपोर्ट मांगी गई है। पूर्व में चलाए गए ओटीएस के बारे में भी रिपोर्ट मांगी गई है। सभी बिजली कंपनियों में एटीएन्सी हानियों के बारे में भी रिपोर्ट मांगी गई है। स्टैंडर्ड आफ परफारमेंस रेगुलेशन को लागू करने की स्थिति के बारे में भी जवाब तलब किया गया है।
-
Ravindra Kaushik Wife: भारत का वो जासूस, जिसने PAK सेना के अफसर की बेटी से लड़ाया इश्क, Viral फोटो का सच क्या? -
Iran Vs America: ईरान की 'सीक्रेट मिसाइल' या सत्ता जाने का डर, अचानक ट्रंप ने क्यों किया सरेंडर -
US Iran War: 5 दिन के सीजफायर की बात, 10 मिनट में Trump का पोस्ट गायब! ईरान ने कहा- 'हमारे डर से लिया फैसला’ -
Iran War Impact: क्या महंगे होंगे पेट्रोल-डीजल और LPG सिलेंडर? संसद में PM मोदी ने दिया बड़ा अपडेट -
Bangalore Gold Silver Rate Today : सोना-चांदी धड़ाम, बैंगलोर में कहां पहुंचा ताजा भाव? -
US Iran War: ईरान ने की Trump की घनघोर बेइज्जती, मिसाइल पर फोटो, लिखी ऐसी बात कि लगेगी मिर्ची- Video -
LPG Crisis: 14.2 किलो के सिलेंडर में अब सिर्फ इतनी KG ही मिलेगी गैस! LPG किल्लत के बीच सरकार ले सकती है फैसला -
Petrol Shortage In Ahmedabad: अहमदाबाद में पेट्रोल पंप पर लगी लंबी लाइन, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट -
Ravindra Kaushik कौन थे? Dhurandhar क्यों कहलाए? Pakistan में कैसे मेजर बना भारत का जासूस? जेल में गुमनाम मौत -
PM Modi Speech Highlights: संसद में गरजे PM मोदी, Hormuz Strait पर दिया बड़ा बयान, भारत का बताया प्लान -
West Bengal Election 2026: बंगाल की ये 7 सीटें बना सकती हैं नया CM! जहां हार-जीत का अंतर 1000 वोट से भी था कम -
Anjali Arora Net Worth: 'काचा बादाम गर्ल' ने शुरू किया ये बिजनेस, कैसे छापेंगी नोट? कितनी संपत्ति की मालकिन?












Click it and Unblock the Notifications