मोटी सैलरी की नौकरी छोड़ किसान के बेटे ने किसानों के लिए किया बड़ा काम

कानपुर। मेरठ के किसान के बेटे भूपेंद्र ने जीतोड़ मेहनत के बावजूद वाजिब कीमत न पाने वाले किसानों का दर्द समझा और मोटी सैलरी की नौकरी छोड़ स्टार्टअप कंपनी बनाई। यह कंपनी मोबाइल ऐप की मदद से किसानों को मौसम, जरूरत और कीमत आदि की जानकारी देकर वेस्ट यूपी के शहरों में 12 घंटे में सब्जियां सप्लाई कर रही है।

आईआईटी कानपुर ने की 30 लाख की फंडिंग

आईआईटी कानपुर ने की 30 लाख की फंडिंग

मेरठ के भूपेन्द्र ने जब आईआईटी कानपुर के सिडबी इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेन्टर में बात की और अपने बिजनेस प्रोजेक्ट के विषय में बताया तो आईआईटी की सिडबी विभाग को भूपेन्द्र का प्रपोज़ल पसंद आया। आईआईटी ने भूपेन्द्र को अपना प्रोजेक्ट लेकर कानपुर बुलाया और देखा। भूपेन्द्र का प्रपोज़ल स्वीकार करने के बाद आईआईटी कानपुर ने भूपेन्द्र को 30 लाख रुपए की फंडिंग की जिससे भूपेन्द्र ने कृषि हब नाम का मोबाइल एप्लिकेशन तैयार किया।

किसानों के लिए सारी जानकारियां

किसानों के लिए सारी जानकारियां

मोबाइल एप्लिकेशन कृषि हब की सहायता से किसानों को किस मौसम में किसकी खेती करनी है कितनी मात्रा में खेती करनी है , किसान को कितनी कीमत मिलेगी और ग्राहक को कितनी कीमत पर बेचीं जाएगी सारी जानकारियां मिलेंगी।

सिडबी विभाग के अभिजीत साठे ने बताया

सिडबी विभाग के अभिजीत साठे ने बताया

इस मोबाइल एप्लिकेशन की सबसे बड़ी खासियत ये है कि किसान को अपनी फसल के अच्छे दाम मिलेंगे और ग्राहक को माल सस्ते में मिलेगा क्योंकि बीच के आढ़ती, थोक विक्रेता और फुटकर विक्रेता नहीं होंगे। आईआईटी कानपुर के सिडबी विभाग के अभिजीत साठे ने बताया कि आईआईटी ने इसे सन 2000 में शुरू किया था और अब तक 65 कंपनियों के प्रपोज़ल आ चुके हैं जिनमें से 35 कंप्लीट हो चुके हैं। इस एप को विकसित करने वाले भूपेंद्र कुमार आईआईटी के छात्र रहे हैं और वो गुवाहाटी से पढ़े हैं।

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