Atiq Ahmad and Ashraf: अतीक-अशरफ को किसने मारा? इन 5 बड़े सवालों में उलझी हैं जांच एजेंसियां
माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को किसने मारा है। इस सवाल का जवाब तलाशने में जांच एजेंसियां जुटी हुई हैं। सूत्रों की माने तो इस गुत्थी को सुलझाने के लिए कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है।

Atiq Ahamad-Ashraf ko Kisne Mara: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शनिवार को हुई माफिया डॉन अतीक अहमद- अशरफ (Atiq Ahmad And Ashraf) की हत्या के बाद से ही यूपी में हंगामा मचा हुआ है। जिस तरह से तीन शूटरों ने सरेआम इस हत्याकांड को अंजाम दिया उसके बाद से ही कई सवाल खड़े हुए हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की टीम इस हाइप्रोफाइल हत्याकांड की अलग अलग एंगल से जांच कर रही हैं। पुलिस सूत्रों की माने तो जांच एजेंसियां इन सवालों का जवाब ढूंढने में लगी हैं कि अतीक हत्याकांड का सुपारी किलिंग, लॉरेंस बिश्नोई गिराेह, गुड्डू मुस्लिम, ISI और लश्कर-ए-तैयबा से तो कोई कनेक्शन नहीं है।
अतीक-अशरफ की हत्या के पीछे कांट्रैक्ट किलिंग तो नहीं?
दरअसल शनिवार को अतीक-अशरफ की प्रयागराज में उस समय हत्या कर दी गई थी जब दोनों को मेडिकल जांच के लिए ले जाया जा रह था। इस हत्याकांड के बाद से ही कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। इन सवालों के जवाब ढूंढने में जांच एजेंसियां जुटी हुई हैं। सबसे बड़ा सवाल ये पैदा हो रहा है क्या अतीक-अशरफ कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के निशाने पर थे? सूत्रों की माने तो जांच से जुड़े लोगों ने कहा है कि यह एक संभावना हो सकती है। ऐसी खबरें थीं कि तीन शूटरों को 10-10 लाख रुपये में किराए पर लिया गया था। अतीक के किसी दुश्मन ने सुपारी देकर तो यह हत्या नहीं करवाई है।
लॉरेंस विश्नोई गिरोह तो शामिल नहीं
अतीक-अशरफ की हत्या के बाद से ही पूरे यूपी में सनसनी मची हुई है। तीनों हत्यारों ने अतीक-अशरफ को मारने में जिगाना पिस्टल का इस्तेमाल किया था जो देश में बैन है। यह ऐसी पिस्टल है जो पहली बार लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के पास आई। बताया जा रहा है कि पिछले साल मई में पंजाबी रैपर सिद्धू मूसेवाला की हत्या भी काफी सुखिर्यों में रही थी। इसमें भी तुर्की मेड ज़िगाना पिस्तौल का उपयोग किया गया था। अतीक और अशरफ को भारत में प्रतिबंधित हथियार जिगाना से गोली मारी थी। जांच एजेंसियां इस एंगल पर भी जांच कर रही हैं कि क्या यहां कोई लिंक हो सकता है? जांचकर्ता इस बात की तह तक जाने में जुटे हुए हैं।
गुड्डू मुस्लिम ने तो नहीं करवाई हत्या?
अतीक-अशरफ की हत्या के बाद से जांच एजेंसियों के होश उड़े हुए हैं। उमेश पाल हत्याकांड में शामिल चार आरोपियों का एनकांउटर हो चुका है। हालांकि इसमें एक ऐसा आरोपी भी था जो अभी भी फरार है। वह है अतीक का खास माना जाने वाला गुड्डू मुस्लिम। जांच एजेंसियां इस एंगल से भी जांच कर रही हैं कि कहीं अतीक के साम्राज्य को हथियाने के लिए गुड्डू मुस्लिम ने इन दोनों भाइयों की हत्या तो नहीं करवाई है। सूत्रों ने कहा कि गुड्डू मुस्लिम के पास बड़े पैमाने पर अघोषित संपत्ति वाले गिरोह में अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए हत्या की साजिश रचने के मजबूत कारण हैं।
इस हत्याकांड के पीछे ISI कनेक्शन तो नहीं
24 फरवरी को प्रयागराज में उमेश पाल की हत्या के बाद से ही अतीक-अशरफ के खिलाफ पुलिस कड़ी कार्रवाई में जुट गई थी। पुलिस को आशंका थी कि अतीक और अशरफ ने जेल में बैठकर उमेश की हत्या की साजिश रची है। इस मामले में अतीक और अशरफ से पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया था। रिमांड के दौरान अतीक से पूछताछ चल रही थीा सूत्रों के मुताबिक अतीक और अशरफ ने जांच के दौरान कथित तौर पर एक आईएसआई एजेंट द्वारा उन्हें हथियारों की आपूर्ति करने के बारे में पुलिस को बताया था। जांच एजेंसियां इस एंगल पर भी जांच कर रही हैं कि कहीं अतीक-अशरफ की हत्या के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ तो नहीं है।
क्या इस हत्याकांड में लश्कर का हाथ है
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इसमें शामिल होने की शंकाओं के बीच लश्कर-ए-तैयबा को लेकर भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों की पूछताछ में माफिया डॉन अतीक ने पाकिस्तान समर्थित प्रतिबंधित आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा से संपर्क करने की बात भी स्वीकार की थी। अतीक ने बताया था कि लश्कर की तरफ से उसे हथियार मिलते थे। एजेंसियों को लगता है कि इस मामले में लश्कर का नाम न सामने आए इसलिए उसने सुपारी देकर अतीक की हत्या करवाई हो। इस हत्याकांड में आईएसआई या लश्कर का हाथ होने की संभावना भी तलाशी जा रही है।












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