मुजफ्फरनगर हिंसा पर मरहम का खेल, हिंसा प्रभावितों को पेंशन देगी सरकार
लकनऊ। पश्चिम उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में फसरी हिंसा के बाद अब हिंसा प्रभावित लोगों के घावों पर मरहम लगाने का दौर शुरु हो गया है। मुख्यमंत्री अकिलेश यादव, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी और युवराज राहुल गांधी ने हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा करके लोगों के दर्द बांटने की कोशिश की। दौरे के बाद अब मुआवजे को दार शुरु हो गया है। हिंसा रोकने में नाकामयाब उत्तर प्रदेश सरकार अब पेंशन बांटकर लोगों के दर्द को वोट में बदलने की जुगत कर रही है। यूपी के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी ने गुरुवार को संवाददाताओं को यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार ने रानी लक्ष्मीबाई पेंशन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 400 रुपये की पेंशन देने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि यह पेंशन हिंसा में घायल व मृत व्यक्तियों के परिवारों के एक सदस्य को दी जाएगी। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों को हिंसा प्रभावित लोगों की सूची बनाने के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हिंसा के दौरान जो मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं उनका सर्वेक्षण कराकर लोहिया आवास योजना में मकान देने का भी सरकार ने फैसला किया है।

चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार मुजफ्फरनगर हिंसा के हर मृतक के आश्रित को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के साथ परिवार के एक सदस्य को योग्यता अनुसार सरकारी नौकरी देने के निर्णय का ऐलान पहले ही कर चुकी है।
उन्होंने कहा कि मृतकों के आश्रितों को मुआवजा देने के लिए शासन की तरफ से धन भेज दिया गया है। जिला प्रशासन द्वारा अब तक करीब 3.5 करोड़ रुपये का वितरण भी किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि मुजफ्फरनगर के कवाल गांव में छेड़खानी की घटना को लेकर हुए विवाद में तीन युवकों की मौत के बाद गत सात सितंबर को आयोजित महापंचायत से लौट रहे लोगों पर हमला करने के बाद पूरे जिले में हिंसा भड़क गई थी। हिंसा में अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 43000 हजार लोग अपने घरों को छोड़कर राहत शिविरों में रह रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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