UP में Yogi 2.0 सरकार में 1.72 लाख युवाओं को मिला रोज़गार, जानिए इस दावे पर क्यों मचा घमासान
यूपी में सरकार की ओर से जारी किए गए रोजगार के आंकड़ों को लेकर सियासी घमासान मचा है। विपक्ष का आरोप है कि यूपी सरकार में सरकार मुताबिक 15 दिनों में 15 लाख लोगों को रोजगार मिला है जो संभव नहीं है।

up government's commitment to empowering the youths: उत्तर प्रदेश में युवाओं को सशक्त बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता के तहत योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में रोजगार मेलों के माध्यम से 1.72 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान किया है। सरकार का दावा है कि योगी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में अब तक 1,536 रोजगार मेले आयोजित किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप पूरे राज्य में 1,72,291 युवाओं को रोजगार मिला है। साथ ही उन्होंने बताया कि योगी सरकार ने अपने छह साल के कार्यकाल में रोजगार मेलों के माध्यम से करीब 7.5 लाख युवाओं को रोजगार दिया है।

योगी सरकार ने पेश किया था 6 साल का ब्यौरा
दरअसल श्रम एवं रोजगार मंत्री अनिल राजभर ने यह दावा किया है। भारतीय जनता पार्टी के अतुल प्रधान द्वारा पूछे गए एक अन्य सवाल के जवाब में मंत्री ने पिछले छह साल का ब्योरा पेश किया था। उन्होंने कहा कि राज्य के रोजगार कार्यालयों द्वारा कार्यालय परिसर के बाहर या विशिष्ट स्थानों पर रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है। इन मेलों में निजी क्षेत्र के नियोक्ताओं द्वारा अधिसूचित रिक्तियों के सापेक्ष रोजगार के इच्छुक अभ्यर्थियों के भाग लेने का प्रावधान है। इन रोजगार मेलों में न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों से रोजगार के इच्छुक अभ्यर्थियों को भी शामिल किया जाता है।

हर साल रोजगार मेलों में लगातार हो रही वृद्धि
मंत्री ने कहा कि हर साल राज्य भर में रोजगार मेलों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि 2017-18 में 633 रोजगार मेलों के माध्यम से 63,152 युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया, जबकि 2018-19 में 685 रोजगार मेलों में 1,03,202 को रोजगार मिला। राज्य में 2019-20 में 733 जॉब फेयर का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 1,43,304 युवाओं को रोजगार मिला, जबकि 2020-21 में 869 जॉब फेयर के माध्यम से 1,47,499 जॉब और 2021-22 में 822 जॉब फेयर से 1,17,430 जॉब मिले। .

कुशल श्रमिकों को रोजगार से जोड़ने की कवायद
राजभर ने कहा कि योगी सरकार कुशल श्रमिकों को रोजगार से जोड़ने की कोशिश कर रही है, "सरकार की ओर से रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए सेवा मित्र मंच (पोर्टल sewamitra.up.gov.in/Seva Mitra app/Call Centre) की व्यवस्था की गई थी। स्थानीय स्तर पर कुशल श्रमिकों को तथा आम जनता तथा सरकारी विभागों को स्थानीय सेवाएं (प्लम्बर, कारपेंटर, पेंटर, इलेक्ट्रीशियन, ड्राइवर आदि) प्रदान करना।

मंत्री का दावा- रोजगार को लेकर संवदेनशील है सरकार
सेवा मित्र पोर्टल पर पंजीयन के अनुसार 13 फरवरी तक राज्य में कुशल श्रमिकों की संख्या 33,913 तथा सेवा प्रदाताओं की संख्या 753 थी। प्रजापति कुम्हारों के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि योगी सरकार इनके रोजगार को लेकर संवेदनशील है और इसके लिए माटी कला बोर्ड का गठन किया गया है। उन्होंने कहा, 'इसके अलावा हम उन्हें इलेक्ट्रॉनिक मशीनें मुहैया करा रहे हैं ताकि वे आसानी से अपना काम पूरा कर सकें।

समाजवादी पार्टी ने आंकड़ों पर उठाए सवाल
हालांकि सराकर के इन दावों को लेकर समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने रोजगार कार्यालय की वेबसाइट का हवाला देते हुए सवाल उठाया है कि महज 15 दिनों में 15 लाख बेरोजगारों की संख्या कैसे बढ़ गई। सभापति कुंवर मानवेंद्र प्रताप सिंह ने जांच के आदेश दिए और सरकार को आंकड़ों की सही जानकारी सदन में पेश करने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि सपा सदस्यों द्वारा विधान परिषद में उठाए गए सवाल की माने तो उत्तर प्रदेश में करीब 15 दिनों में 15 लाख बेरोजगार बढ़ गए हैं। इस पर सपा लगातार सवाल उठा रही है। सरकार ने दिए गए डेटा की जांच कराने का फैसला किया है।












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