Ujjain News: महाकाल की भक्ति में झूमे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य और बेटा महाआर्यमन सिंधिया
सावन और भादौ माह के पावन अवसर पर भगवान महाकाल की भव्य शाही सवारी निकाली गई, जिसमें केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके बेटे महाआर्यमन सिंधिया ने भी भाग लिया। इस विशेष अवसर पर दोनों ने भगवान महाकाल की भक्ति में झूमते हुए सवारी की शोभा बढ़ाई।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सवारी के दौरान झांझ बजाया, जबकि युवराज महाआर्यमन ने डमरू बजाकर भगवान महाकाल की भक्ति का प्रदर्शन किया। यह आयोजन सिंधिया राजवंश की 250 साल पुरानी परंपरा का हिस्सा है, और सत्यनारायण मंदिर के पास पालकी में सवार भगवान चंद्रमौलेश्वर का पूजन भी किया गया।

भगवान महाकाल की इस भव्य शाही सवारी में छह स्वरूपों में दर्शन हुए: चंद्रमौलेश्वर, शिवतांडव, उमा-महेश, होलकर स्टेट का मुखारबिंद, घटाटोप मुखौटा, और सप्तधान मुखारबिंद। सवारी का मार्ग 7 किलोमीटर लंबा था, जिसमें 70 भजन मंडलियों ने लोकनृत्य और भजन गाते हुए श्रद्धा अर्पित की।
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सवारी के आयोजन के दौरान रामघाट पर विशेष पूजन किया गया, जहां हेलिकॉप्टर से सवारी पर फूलों की बारिश की गई। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस शाही सवारी को 'राजसी सवारी' करार दिया, और इसे भगवान महाकाल की महान आस्था का प्रतीक बताया।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने बेटे युवराज महाआर्यमन के साथ इस भव्य आयोजन में शामिल हुए। सिंधिया ने झांझ बजाते हुए और उनके बेटे ने डमरू बजाकर महाकाल की भक्ति की, जबकि उन्होंने सत्यनारायण मंदिर के पास पालकी में सवार भगवान चंद्रमौलेश्वर का पूजन भी किया। यह राजसी सवारी सिंधिया राजवंश की 250 साल पुरानी परंपरा का हिस्सा है।
भगवान महाकाल इस बार छह स्वरूपों में सवारी पर सवार हुए: चंद्रमौलेश्वर, शिवतांडव, उमा-महेश, होलकर स्टेट का मुखारबिंद, घटाटोप मुखौटा, सप्तधान मुखारबिंद और मनमहेश। सवारी का मार्ग 7 किलोमीटर लंबा था, जिसमें 70 भजन मंडलियों ने लोकनृत्य और भजन गाते हुए अपनी श्रद्धा अर्पित की।
सवारी के दौरान गोपाल मंदिर में हरि का हर से मिलन हुआ। इसके बाद, भगवान महाकाल की सवारी महाकाल मंदिर पहुंची, जहां भक्तों ने अपनी श्रद्धा और भक्ति के साथ इस दिव्य आयोजन का लाभ उठाया।












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