Mahakal मंदिर में बारिश के पानी की खबर को कलेक्टर ने बताया भ्रामक, कार्रवाई का दिया अल्टीमेटम
धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध महाकाल मंदिर में बारिश का पानी भरा होने की खबरों को भ्रामक बताया जा रहा है। कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने भ्रामक सूचना फैलाने वालो के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। सुबह से अब तक 80 हजार लोगों ने भगवान महाकाल के दर्शन किए हैं।
कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने कहा कि, भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर में किसी भी तरह का जलभराव नहीं हुआ है। हर वर्ष की तरह गई रात्रि में बारिश के कारण यद्यपि कुछ पानी नंदी हाल में भरा जिसे हेवी मोटर्स से तुरंत बाहर कर दिया गया। मंदिर में जलजमाव रोकने के लिए 6 हेवी मोटर्स लगी हुई है।

कलेक्टर ने कही ये बात
कलेक्टर ने बताया की, बारिश के पानी की वजह से किसी भी तरह से दर्शनार्थियों के दर्शन में व्यवधान उत्पन्न नहीं हो रहा है। सुबह से लेकर अब तक लगभग 80 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किये है। कलेक्टर ने कहा है कि कतिपय व्यक्तियों द्वारा इस तरह की भ्रामक सूचना फैलाई जा रही है कि महाकालेश्वर मंदिर में बारिश का पानी भरा हुआ है। यह एकदम झूठ एवम भ्रामक बात है। कलेक्टर ने अफवाह फैलाने वाले ऐसे लोगों को चेतावनी देते हुए कहा है कि, इस तरह की भ्रामक सूचनाएं न फैलाई जाए अन्यथा उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कुछ ऐसा है मामला
प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून के चलते झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है, जहां मानसून के चलते धार्मिक नगरी उज्जैन में जोरदार बारिश हुई। बारिश के चलते महाकाल मंदिर परिसर में अलग नजारा देखने मिला, जहां बारिश का पानी झरने के रूप में गणेश मंडप और कार्तिक मंडप समेत अन्य स्थानों पर पहुंच गया। मंडप हाल में बारिश का पानी पहुंचते ही हड़कंप मच गया, जहां मंदिर परिसर की व्यवस्था में जुटे अधिकारियों ने मैदान संभाला, जिसके बाद मंदिर कर्मचारियों ने जैसे-तैसे पानी बाहर निकाला। वहीं अब इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
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