महाकाल मंदिर में VIP कल्चर को खत्म करने के लिए कांग्रेस का चुनावी वादा, मंत्री,अफसर लाइन में लगकर करेंगे दर्शन
mp election 2023: मध्यप्रदेश में साल के आखिरी में विधानसभा चुनाव होना है। ऐसे में राजनीतिक दल प्रदेश की जनता को लुभाने के लिए बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं। इसी क्रम में कांग्रेस एक बड़ा वादा करने जा रही है। दरअसल कांग्रेस महाकाल मंदिर में बाबा महाकाल के दर्शन को लेकर वीआईपी कल्चर खत्म करने का वादा करने जा रही है।
महाकाल मंदिर में नेताओं और अफसरों के वीआईपी कल्चर से परेशान आम श्रद्धालुओं की भावनाओं की परेशानियों को दूर करने कांग्रेस इस बार अपने चुनावी घोषणा (वचन) पत्र में ये वादा करने जा रही है। वह महाकाल के भक्तों से वादा करेगी कि उसकी सरकार आते ही मंदिर के अंदर वीआईपी (VIP) कल्चर को खत्म कर दिया जाएगा।

कांग्रेस का वादा रहेगा कि उसकी सरकार बनी तो, उनकी सरकार के मंत्री संत्री भी आम श्रद्धालुओं की तरह लाइन में लगकर ही बाबा के दर्शन कर सकेंगे। उन्हें मंदिर के अंदर दर्शन के लिए वीआईपी सुविधा नहीं दी जाएगी। इस बाजी को शामिल करने कांग्रेस की वचन पत्र समिति में विचार हो चुका है। दरअसल महाकाल मंदिर में इन दिनों वीआईपी कल्चर को लेकर आम श्रद्धालुओं में बढ़ रही नाराजगी के बाद कांग्रेस ने यह तय किया है कि वह देश और प्रदेश के चुनिंदा लोगों को महाकाल के दर्शन के लिए वीआईपी की सुविधा देगी। जिसमें राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के अलावा जिन लोगों को अति सुरक्षा प्रदान की गई है, उन्हें ही वीआईपी सुविधा देते हुए दर्शन करवाएगी।
इसके अलावा किसी को भी अलग से बाबा महाकाल के दर्शन नहीं करने देगी गर्भ गृह और नंदी गृह में टिकट लेकर जाकर दर्शन करने वाली व्यवस्था को बंद करने का वादा भी कांग्रेस करेगी। इस व्यवस्था पर जब प्रदेश कांग्रेस की वचन पत्र समिति के अंदर चर्चा हुई तो यह भी बात सामने आई थी कि मंत्री और बड़े अफसरों का फिर क्या होगा? जिस पर यह तय किया गया है कि सभी आम श्रद्धालुओं की तरह ही दर्शन करेंगे।
मध्यप्रदेश कांग्रेस वचन पत्र समिति के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि महाकाल मंदिर में बाबा महाकाल के दर्शन को लेकर वीआईपी कल्चर खत्म करने का वादा हम करेंगे। इसमें हम चुनिंदा लोगों को वीआईपी सुविधा दिए जाने का भी जनता में स्पष्ट करेंगे। कांग्रेस चाहती है कि मंत्री हो या बड़े अफसर सभी आम श्रद्धालुओं की तरह ही लाइन में लगकर दर्शन करें।
VIP कल्चर पर साधु-संत भी नाराजगी जाहिर कर चुके है
गौरतलब है कि महाकाल मंदिर परिसर में वीआईपी कल्चर को लेकर साधु-संत भी अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके है। बीते दिनों अवधेश पुरी महाराज का वीआईपी कल्चर को लेकर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वह वीआईपी कल्चर व्यवस्था और मंदिर में प्रोटोकॉल व्यवस्था से नाराज होते हुए दिखाई दे रहे थे। उन्होंने कहा था कि महाकाल के दर्शन कर हमारे पूर्वज चले गए और इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हुआ कि आज हमें दर्शन के लिए घंटो लाइन में लगना पड़ रहा है।












Click it and Unblock the Notifications