Ujjain News: लिव-इन में रहने वाले बंटी-बबली 2.0 का बड़ा खुलासा, जानिए कैसे उज्जैन से इंदौर तक उड़ाईं बाइकें
Ujjain News: एक तरफ प्यार, दूसरी तरफ जुर्म। एक ऐसा प्रेम प्रसंग जो नए गाड़ियों के शौक से चोरी के रास्ते पर उतर गया। उज्जैन में सामने आया यह मामला किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं-जहां 'बंटी-बबली' स्टाइल में एक युवती और उसका प्रेमी शहर में घूम-घूमकर वाहनों की रेकी करते, और फिर उन्हें चुरा ले जाते।
मंगलवार को नीलगंगा पुलिस ने इस अपराधी प्रेमी जोड़े को पकड़कर इस 'रोमांटिक रैकेट' का पर्दाफाश किया है।उनके कब्जे से तीन चोरी की बाइक और दो वाहनों की नंबर प्लेट्स बरामद कीं। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। यह कहानी जितनी रोमांचक है, उतनी ही हैरान करने वाली भी!

प्यार का जुनून या जुर्म की लत?
मुख्य आरोपी लक्की चौहान (21) और उसकी 27 वर्षीय प्रेमिका भमूरी एक साल से साथ रह रहे थे-लिव-इन में। मगर यह साथ सिर्फ जीने-मरने की कसमें तक ही सीमित नहीं था, बल्कि साथ में गाड़ियाँ उड़ाने की 'प्रतिज्ञा' भी निभा रहे थे।
भमूरी को नई गाड़ियों में घूमने का शौक था और लक्की को चुराने का हुनर। यह अपराधी जोड़ी खाली जगहों पर खड़ी दोपहिया गाड़ियों की रेकी करती थी। फिर मौका पाकर उन्हें लेकर चंपत हो जाती।
सीसीटीवी में कैद हुआ 'प्रेम और अपराध' का गठबंधन
हाल ही में नीलगंगा थाना क्षेत्र से एक एक्टिवा चोरी हुई थी। पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो उसमें जो नजारा था, वो चौंकाने वाला था-एक युवती और युवक मिलकर बड़ी सफाई से गाड़ी लेकर जा रहे थे। फुटेज के आधार पर जब पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो सामने आया नाम-लक्की चौहान और भमूरी का। दोनों पीपलीनाका क्षेत्र के निवासी निकले।
तीन बाइक, दो नंबर प्लेट और चोरी का इश्क
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने पूछताछ की, तो पता चला कि यह जोड़ा करीब एक साल से लगातार गाड़ियों की चोरी कर रहा था। इनके पास से तीन बाइक और दो फर्जी नंबर प्लेट जब्त की गई हैं। खास बात यह रही कि लक्की पर पहले से ही जीवाजीगंज थाना में चोरी के पांच प्रकरण दर्ज हैं। यानी इश्क में डूबा यह युवक पहले से ही अपराध की राह पर था, लेकिन भमूरी के साथ ने उसे 'क्राइम पार्टनर' बना डाला।

Bunty-Babli in Ujjain: 'बंटी-बबली' का लिव-इन रोमांस और चोरी का शौक
लक्की और भमूरी पिछले एक साल से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। लक्की, जो भमूरी से छह साल छोटा है, पहले से ही चोरी के धंधे में माहिर था। जीवाजीगंज थाने में उसके खिलाफ चोरी के पांच मामले दर्ज हैं। लेकिन भमूरी का साथ मिलने के बाद उसकी 'कला' में और निखार आ गया। भमूरी को नई-नवेली गाड़ियों पर घूमने का शौक था। वह सूने इलाकों में खड़ी बाइक और स्कूटी की रेकी करती-कहां गाड़ी खड़ी है, आसपास कोई देख रहा है या नहीं। फिर लक्की अपनी 'मास्टर चाबी' और चोरी के हुनर से गाड़ी उड़ा लेता।
पुलिस को लक्की ने बताया, "भमूरी पहले जगह का जायजा लेती थी। अगर रास्ता साफ होता, तो हम रात में या दिन में सुनसान वक्त में गाड़ी चुरा लेते।" इस जोड़े ने न केवल उज्जैन, बल्कि इंदौर में भी चोरी की वारदातें कबूलीं। उनके कब्जे से पुलिस ने तीन चोरी की बाइक और दो वाहनों की नंबर प्लेट्स बरामद कीं, जिन्हें वे चोरी की गाड़ियों पर लगाकर बेचने की फिराक में थे।
ऐसे चढ़े पुलिस के हत्थे
नीलगंगा पुलिस ने एक्टिवा चोरी की शिकायत के बाद इलाके के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। एक फुटेज में भमूरी को आसपास नजर रखते और लक्की को गाड़ी खोलते देखा गया। पुलिस ने पीपलीनाका और आसपास के इलाकों में मुखबिरों का जाल बिछाया। मंगलवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि लक्की और भमूरी एक चोरी की बाइक बेचने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने तुरंत दबिश दी और दोनों को धर दबोचा।
थाना प्रभारी वर्मा ने कहा, "लक्की पुराना अपराधी है, लेकिन भमूरी का शामिल होना इस केस को खास बनाता है। उसकी रेकी ने चोरी को आसान बनाया। हम अन्य चोरी की घटनाओं की भी जांच कर रहे हैं, जिनमें इनका हाथ हो सकता है।" पुलिस को शक है कि यह जोड़ा इंदौर और रतलाम में भी चोरी के नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
फिल्मी स्टाइल में वारदात, लेकिन हकीकत में हवालात
पूछताछ में सामने आया कि दोनों ने इंदौर में भी वाहन चुराए हैं। पुलिस को शक है कि इनके नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। फिलहाल दोनों को कोर्ट में पेश किया गया है और पुलिस अब इनके पुराने अपराधों की परतें खोलने में जुटी है।
Bunty-Babli in Ujjain: पुलिस की सख्त नजर
नीलगंगा पुलिस ने बताया कि यह कोई सामान्य चोरी नहीं थी। जिस तरीके से युवती पहले रेकी करती और फिर साथी के साथ वारदात को अंजाम देती, वह साफ दर्शाता है कि इनके इरादे बेहद योजनाबद्ध थे। पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इनकी गाड़ियों की बिक्री या पार्ट्स निकालने से जुड़ी कोई गैंग से भी सांठगांठ है।
इश्क में अक्सर लोग हदें पार कर जाते हैं, लेकिन जब वह हद अपराध तक पहुंच जाए, तो रोमांस भी सलाखों के पीछे पहुंचा देता है। उज्जैन की यह बंटी-बबली जोड़ी अब अदालत के कटघरे में खड़ी है, और उनके सपनों की सवारी-थाने के पार्किंग में खड़ी।
- प्रेम या अपराध? फैसला अब कानून करेगा।
- "गाड़ी की चाबी नहीं मिली तो इश्क ने जुर्म की चाबी घुमा दी।"












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