उज्जैन में 85 साल के कैंसर पेशेंट डॉक्टर ने दी कोरोना को मात, डॉक्टर्स बोले- हमें भी नहीं थी उम्मीद
उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में 85 साल के कैंसर पेशेंट डॉक्टर ने कोरोना को मात दे दी है। 10 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद डॉक्टर नरेंद्र महादिक को आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर डबल निमोनिया (दोनों फेफड़ों के संक्रमण) से पीड़ित थे। वे कैंसर पीड़ित भी हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपनी मजबूत इच्छाशक्ति की बदौलत कोरोना वायरस को मात दे दी। स्वस्थ होने के बाद डॉक्टर को शनिवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। बता दें, उज्जैन में अबतक 147 कोरोना वायरस के मामले सामने आए हैं और 27 मरीजों की मौत हो चुकी है।

डॉक्टरों को नहीं थी ठीक होने की उम्मीद
आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गवारीकर ने कहा "उनका कोविड -19 का टेस्ट पॉजिटिव थौ वे निमोनिया से भी पीड़ित थे। वे पहले से ही प्रोस्टेट कैंसर की दवा पर थे और छह महीने पहले ही उन्हें धमनी सर्जरी से गुजरना पड़ा था।" डॉ. गवारीकर ने आगे कहा कि मरीज एनीमिक थे और पहले उनके बाएं पैर में फ्रैक्चर हुआ था। उन्होंने कहा, "इन सभी परिस्थितियों ने उनकी स्थिति को और गंभीर कर दिया था हम उन्हें लेकर बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं थी। ऐसे में हमने उन्हें ICMR अनुमोदित एक ही COVID-19 उपचार प्रोटोकॉल पर रखा था और दूसरे मरीजों की ही तरह उनका इलाज किया। उन्हें कोई वैकल्पिक उपचार प्रोटोकॉल भी नहीं दिया गया था, सिर्फ अतिरिक्त पोषण और विटामिन सी की खुराक दी गई।

पूरी तरह स्वस्थ हुए डॉ. महादिक
डॉ. गवारीकर ने कहा कि इतनी बाधाओं के बावजूद डॉ. महादिक ने ठीक होकर सभी को आश्चर्यचकित किया है। शनिवार को उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने उन्हें पास नहीं दिया है, इसलिए वे अस्पताल में ही भर्ती हैं। डॉक्टरों ने बताया कि डॉ. महादिक अपने पोते-पोतियों को बहुत याद कर रहे हैं। डॉ. महाडिद की कहानी इसलिए अहम है क्योंकि ये माना जाता है कि कोरोना बुजुर्गों और खासकर उन लोगों के लिए बहुत खतरनाक है जिनकी रोग प्रतिरक्षा पहले से ही कमजोर है। डॉ. महाडिद ने इन सबको अपनी इच्छाशक्ति के बल पर मात दी है।

उज्जैन में अबतक 27 मरीजों की मौत
बता दें, उज्जैन में अबतक 147 कोरोना वायरस के मामले सामने आए हैं और 27 मरीजों की मौत हो चुकी है। मध्य प्रदेश में कुल 2,846 मामले और 156 मौतें हुई हैं। देशभर में लॉकडाउन की अवधि दो सप्ताह बढ़ाकर 17 मई तक बढ़ा दी गई है। भारत में अबतक 40,000 से अधिक COVID-19 मामले और 1,306 मौतें हो चुकी हैं।












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