Udaipur case : कन्हैया लाल की हत्या के विरोध में सड़क पर उतरे हजारों लोग, निकाला मौन जुलूस
उदयपुर, 30 जून: राजस्थान के उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल की निर्मम हत्या के विरोध में लोग सड़क पर उतर आए हैं। कन्हैया लाल हत्याकांड के विरोध में गुरुवार को सर्व समाज की ओर से मौन जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में हजारों लोग शामिल हुए। जुलूस टॉउन हॉल से शुरू हुआ और कलेक्ट्रेट पर पहुंचा। इधर, विभिन्न संगठनों ने जयपुर, उदयपुर, पाली, कोटा, जालोर, जैसलमेर, करौली जिलों के कई शहरों में बंद का ऐलान किया।

उदयपुर में तीसरे दिन भी कर्फ्यू जारी
उदयपुर में रहने वाले कन्हैयालाल ने भाजपा से निलंबित नूपुर शर्मा के बयान का कथित रूप से समर्थन करते हुए ऑनलाइन पोस्ट किया था। इसी को लेकर रियाज जब्बार और गौस मोहम्मद ने दुकान में घुसकर कन्हैयालाल की हत्या कर दी थी। इसका वीडियो भी बनाया। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। दोनों ही हत्यारे पकड़े जा चुके हैं। उदयपुर में गुरुवार को तीसरे दिन भी कर्फ्यू जारी है। प्रदेशभर में इंटरनेट भी बंद है। पूरे प्रदेश में एक महीने के लिए धारा-144 लगा दी गई है। गुजरात ने डूंगरपुर जिले के रतनपुर बॉर्डर से राजस्थान में आने वाली गुजरात रोडवेज की बसों को गुजरात के आखिरी बस स्टैंड शामलाजी में रोक दिया है। गुजरात रोडवेज की सभी बसें अगले आदेशों तक राजस्थान में नहीं आएंगी।
सीएम गहलोत ने की धरना-प्रदर्शन ना करने और शांति बनाए रखने की अपील
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को कहा कि इस घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। जिस तरह से हत्या की गई वो जघन्य अपराध है। हमने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों मुजरिमों को पकड़ लिया। रात भर में पता लगा लिया गया कि इनका अंतराष्ट्रीय संगठनों से संबंध था। इसका मतलब है कि यह घटना आंतकवाद से संबंधित थी। यह कोई दो धर्मों के बीच का झगड़ा नहीं था। UAPA की धाराओं में केस दर्ज़ कर लिया गया है, जिसके बाद एनआईए ने यह केस ले लिया है। एनआईए त्वरित कार्रवाई करते हुए मुजरिमों को जल्द सजा दिलवाए। सीएम गहलोत ने कहा, ''मैं प्रदेशवासियों से अपील करूंगा कि वो धरना-प्रदर्शन ना करें, शांति बनाए रखें। सरकार पूरी तरह से मुस्तैद है और हम ये सुनिश्चित करेंगे कि कैसे इनको सजा मिले।''












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